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बड़ी साजिश के तहत आग उगल रहीं पाकिस्तानी बंदूकें

Mon, 19 Aug 2013 12:02 AM IST
जम्मू/राघवेंद्र नारायण मिश्र
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नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा लगातार सीजफायर का उल्लंघन सोची-समझी साजिश के तहत हो रहा है। इस बार घुसपैठ की कोशिशें 85 फीसदी बढ़ीं हैं।
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पाक हर दिन एक साथ दो या तीन सेक्टर में मोर्चा खोल देता है। लगातार सीजफायर के उल्लंघन की घटनाओं के बीच कुछ आतंकवादियों को घुसपैठ करने में सफलता भी मिल गई है।

सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी और विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान द्वारा कश्मीर में फिर से आतंकवाद को जिंदा करने की कोशिश के तहत आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की साजिश है।
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सीजफायर का उल्लंघन उसी षड्यंत्र का हिस्सा है। पिछले साल जनवरी से 15 अगस्त के बीच पाकिस्तान ने आठ महीने में 57 बार सीजफायर का उल्लंघन किया था। इस बार यह संख्या 90 के करीब पहुंच गई है।

दरअसल, महाराजा हरि सिंह के जमाने में लगाए गए छह स्थायी पिलरों को पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं मानता है। पाक इसे वर्किंग बाउंड्री बताता रहा है।

सीमा पर भारत की ओर से युद्ध से निपटने जैसी तैयारियां होती हैं लेकिन एलओसी पर ऐसा नहीं होता। अप्रैल 2000 तक वहां तारबंदी भी नहीं थी। एलओसी पर जीरो लाइन तक दोनों देशों के किसान खेती करते हैं।

लगभग 790 किलोमीटर तक यह इलाका फैला है। राजोरी के बिम्बर गली के पास राजधानी और कुपवाड़ा में बुगीना जैसे गांव हैं, जिन्हें बफर विलेज कहा जाता है। ऐसे गांव आधा पाकिस्तान में और आधा भारत में हैं।

ऊंची चौकियों का मिलता है फायदा
एलओसी पर कई पाकिस्तानी चौकियां ऊंचे स्थान पर हैं। इससे उन्हें फायदा मिलता है। पाक रेंजर इस पार की तमाम गतिविधियों पर लगातार नजर रखते हैं। रिहायशी इलाके भी उनकी नजर में होते हैं। मौका मिलते ही सीजफायर का उल्लंघन करते हैं।

उकसावे के लिए निशाना
अब पाकिस्तान ने रिहायशी इलाकों को भी निशान बनाना शुरू कर दिया है। पुंछ और मेंढर में ऐसे हमले हुए हैं। यह उकसावे के लिए किया जा रहा है।

अफगानिस्तान के तालिबानी हथियारों से लैस होकर पाक सीमा में हैं और पाकिस्तान उन्हें जम्मू कश्मीर की सीमा में घुसाना चाहता है।

पूर्व आतंकियों की पीओके से वापसी हो रही है। इनमें से कुछ कूरियर या घुसपैठियों के जरिए हथियार, पैसे और नारकोटिक्स मंगाने की कोशिश कर रहे हैं।

पाकिस्तान की ओर से कश्मीर में हालात खराब करने की बड़ी साजिश रची गई है। पाक नेतृत्व पंगु है और वहां सेना की चलती है। इस वजह से सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं बढ़ीं हैं। एलओसी पर सख्ती जरूरी है। 24 घंटे अलर्ट की जरूरत है। जो लोग हमारी सीमा में आना चाहते हैं उन्हें शूट करना होगा।-अशोक सेठी, सेवानिवृत डीआईजी, बीएसएफ
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पाक कश्मीर को विवादग्रस्त बनाए रखना चाहता है ताकि तीसरी पार्टी को हस्तक्षेप का मौका मिले। इस कारण सीजफायर का उल्लंघन कर भारतीय सेना पर दवाब बनाया जा रहा है। परिपक्वता के साथ इसका करारा जवाब देना होगा।--एमएम खजूरिया, पूर्व डीजीपी, जम्मू-कश्मीर
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