सीमावर्ती इलाकों में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को दिन में कुछ घंटे तक खामोश रहने के बाद शाम ढलते ही पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी शुरू हो गई। इस बार अग्रिम चौकियों के साथ-साथ सीमांत गांवों के रिहायशी इलाके भी निशाने पर हैं।
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जम्मू जिले के कानाचक्क, आरएस पुरा, अखनूर के गडखाल और सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में पाकिस्तानी सेना ने धुंआधार गोले और राकेट बरसाए।
इस गोलाबारी में पांच महिलाओं और दो बच्चों समेत एक दर्जन ग्रामीण घायल हुए हैं। देर रात तक गोलाबारी जारी थी। प्रभावित इलाकों से एक हजार से ज्यादा लोग पलायन कर गए हैं। भारतीय सेना भी पाक हमले का मुंहतोड़ जवाब दे रही है।
पाकिस्तान की ओर से कानाचक्क सेक्टर में गुरुवार शाम को एक बार फिर अंतराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी शुरू कर दी। बीती रात भी पाकिस्तान की ओर से घोरड़ा पोस्ट पर गोलाबारी की गई। कानाचक्क सेक्टर पाकिस्तान की मोहम्मद असलम पोस्ट, खान वजीरां , शकील पोस्ट और यूसूफ पोस्ट पर से भारतीय चौकियों पर एलएमजी से लेकर मोर्टार तक के गोले दागे गए। घायलों के साथ जम्मू आए लोगों ने बताया कि कानाचक्क में मोर्टार के कई गोले गिरे।
ललयाल क्षेत्र में कमल चंद के आंगन में मोर्टार का शैल गिरने से खेतों से घर लौट रहीं दो महिलाएं और दो बच्चे घायल हो गए। इन्हें पहले मढ़ स्थित उप जिला अस्पताल इलाज के लिए ले जाया गया। वहां से जीएमसी जम्मू शिफ्ट किया गया। इनमें कमल की पत्नी अंजू देवी (38) हालत गंभीर है। जबकि कमलेश (35), ईशा (6) और हैप्पी (5) घायल हैं।।
कानाचक्क में मोर्टार शैल के छर्रे लगने से अशोक कुमार की गाय घायल हो गई। अखनूर के सिदवड़ा, गरखाल क्षेत्र में दुश्मन के गोलों ने रत्नो देवी (55), आशा देवी (22), कुलदीप (35) और प्रमिला (32) को जख्मी कर दिया। इन्हें भी इलाज के लिए जीएमसी लाया गया है। रोजाना की गोलीबारी से कानाचक्क के अलावा आस पास के गांवों में दहशत का माहौल है।
लगभग अस्सी परिवारों ने अपने घर छोड़कर राजपुरा के सरकारी स्कूल में शरण ले ली है। किसानों को अपनी फसलों और परिवारों की चिंता सता रही है। राजपुरा के सरपंच धन्नतर सिंह का कहना था कि सीमांत किसान खेती बाड़ी नहीं कर पा रहे हैं। धान की फसल बरबाद होने के कगार पर पहुंच गई है।
पाकिस्तान ने बीती रात को 11 बजे से रामगढ़ सेक्टर के नंगा गांव में गोले दागे। एक गोला मंगलदास के घर की छत पर गिरा, हालांकि जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। रात में गोले दागे जाने की इस घटना के बाद घर वाले चिल्लाते हुए बाहर भागे।
गुरुवार को गांव नंगा समेत, नथवाल, जसोजक, एसएमपुरा और कंदराल के करीब 600 ग्रामीण वीरवार रात को भी पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी की आशंका में पलायन कर रामगढ़ चले गए। सभी को रामगढ़ हायर सेकेंडरी स्कूल और सत्संग घरों में रुकवाया है। स्थानीय लोगों ने उनके खाने-पीने का इंतजाम किया है।