फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला के परिवार पर टूटा पाक का कहर

Thu, 24 Oct 2013 12:37 AM IST
राजेश विद्यार्थी/आरएस पुरा
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत-पाक सीमा अक्सर गोलियों की गड़गड़ाहट आरएस पुरा के अब्दुल्लियां गांव की महिलाओं और बच्चों के लिए आम बात हो गई है, लेकिन गांव की एक महिला विमला देवी के परिवार पर पाक का कहर अभिशाप बनकर टूटा है।
विज्ञापन


विमला देवी का पति मोहिंदर पाल सिंह पिछले 17 साल से पाक जेल में बंद है। गलती से वह सीमा पार कर गया था। पाकिस्तान ने उसे जासूसी के आरोप में पकड़ लिया और अभी तक वह घर नहीं लौट पाया।

कुछ साल पहले ही उसके बड़े बेटे विक्रम सिंह को भी पाक घुसपैठिया बताकर सुरक्षा बलों ने गोली मार दी, लेकिन बाद में उसकी पहचान की गई। विमला देवी अपनी बेटी के साथ घर में एक बार फिर गोलियों का सामना कर रही है।
विज्ञापन


विमला के अनुसार मंगलवार रात को अचानक पाकिस्तान से फायरिंग शुरू हुई। गोले उनके घर के पिलर पर जा लगे। बेटे की मौत के बाद उन्हें दो लाख रुपया मुआवजा तो दिया गया लेकिन उसके छोटे बेटे को अस्थाई नौकरी प्रदान की। घर की गुजर बसर भी काफी मुश्किलों से हो रहा है।

धान की फसल पक चुकी है। उसकी कटाई भी नहीं हो रही और जो फसल काटी गई। उसकी भी सफाई नहीं हो पा रही। रिटायर डाक्टर प्रेम नाथ डोगरा के अनुसार अब्दुल्लियां गांव पाकिस्तान के तीन तरफा गोली के निशाने पर है।

करवाचौथ पर महिलाएं नहीं निकलीं
पिंडी चाड़का कलां (जम्मू)। सीमांत गांवों में पर्व त्योहारों पर भी पाकिस्तानी के नापाक मंसूबों की नजर लग गई है। करवा चौथ पर देश भर की महिलाओं ने जहां चांद के दीदार के बाद व्रत तोड़ा, वहीं सीमांत गांवों की महिलाएं यह रस्म भी नहीं निभा पाईं।

पाकिस्तान ने शाम छह बजे से ही अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी। घरों के आंगन और छतों पर बरसते गोलों के कारण सुहागिनें अपने पतियों के साथ कमरों के अंदर ही कैद रहीं। नतीजतन महिलाएं दहशत भरे माहौल में ही व्रत तोड़ने को मजबूर हुईं।

पाक गोलाबारी से 25 परिवारों का पलायन
सीमा पर पाकिस्तानी सेना की हलचल बढ़ गई है। पाक द्वारा लगातार गोलाबारी के बाद सीमांत गांवों के ग्रामीण इसे बड़ा खतरा बता रहे हैं। पाक ने बार्डर पर सैनिकों का जमावड़ा भी बढ़ाया है। पाकिस्तान ने भारतीय ग्रामीणों को टारगेट पर लेकर अपना इरादा जाहिर कर दिया है।

इधर, राजोरी में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से लगातार गोलाबारी से परेशान सीमांत गांव के लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। बुधवार को तरकुंडी सेक्टर के नक्का पंज ग्राई गांव के 25 परिवारों ने पलायन कर दिया। वह अन्यत्र शरण लेने चले गए हैं।

आरएस पुरा के विधिपुर गांव में बाहर से सबकुछ सामान्य दिखता है लेकिन अंदर दहशत है। गांव की गलियों पर इक्का-दुक्का लोग ही दिखते हैं। गांव के अंतिम छोर पर बीएसएफ का पोस्ट है जो मंगलवार को रातभर पाकिस्तानी गोलों से जूझता रहा है। खेतों में पाकिस्तानी मोर्टार के गोलों के अवशेष पड़े हैं। वीडीसी मोहनलाल का कहना है कि तवी से लेकर एएमके पोस्ट तक हर जगह मंगलवार को रात भर गोलाबारी हुई है।

पाक गोलों की मार इतनी घातक है कि सीमेंट की ढलाई वाली छतें भी टूट रही हैं। पिंडी चाड़का कलां गांव के राकेश कुमार और राकी सिंह प्लस टू के छात्र हैं। उनकी चिंता है कि गोलाबारी से स्कूल कालेज भी बंद हो रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है।

गोलाबारी में घायलों की संख्या दर्जन भर पहुंची
भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान द्वारा मंगलवार देर रात की गई गोलाबारी में घायलों की संख्या एक दर्जन के करीब पहुंच गई है। घायलों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सात जवान शामिल हैं, जिनका जीएमसी में इलाज चल रहा है। अन्य घायलों में सीमावर्ती इलाकों के लोग शामिल हैं।

पाकिस्तान ने मंगलवार से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अरनिया, अखनूर और आरएस पुरा के 52 पोस्टों को निशाना बनाकर गोलियां बरसाईं। इसमें एक जवान मुकेश लाल मीणा शहीद हो गया था। बीएसएफ के घायल जवानों में इंस्पेक्टर राम पाल, सब इंस्पेक्टर सुरिंदर सिंह के अलावा कांस्टेबल प्रदीप सिंह, अशोक कुमार, मनोज कुमार, श्रीनिवास नायक, संदीप कुमार शामिल हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें