पाक अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर में आतंकियों की घुसपैठ के पीछे भी पाक सेना का ही हाथ है।
सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने पाक सेना पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मदद के बिना सीमा पर किसी प्रकार की घुसपैठ हो ही नहीं सकती।
केरन सेक्टर में करीब 15 दिनों तक आतंकियों के खिलाफ चले ऑपरेशन को सफलतापूर्वक खत्म करने के बाद सेना प्रमुख के आक्रामक तेवर देखने को मिले। उन्होंने दावा किया कि भारत के पास पाक सेना और आतंकी संगठनों की मिलीभगत के पुख्ता सबूत हैं।
ऑपरेशन के दौरान इंटरसेप्ट से यह पता चला है कि पाक सेना के ठिकानों पर लश्कर-ए-ताइबा और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी डेरा जमाए हुए थे। उन्हीं के निर्देशों पर पाक अधिकारी रसद से लेकर कवरिंग फायर देकर इन घुसपैठियों की मदद कर रहे थे।
हाल ही में अमेरिका में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और नवाज शरीफ के बीच हुई बैठक में एलओसी पर शांति कायम रखने की जिम्मेदारी दोनों सेनाओं के मिलिट्री ऑपरेशन महानिदेशक (डीजीएमओ) को देने का फैसला लिया गया था। लेकिन अब इस पर सवाल उठने लगे हैं।
जनरल सिंह के मुताबिक भारतीय सेना प्रशिक्षित आतंकियों से आमने-सामने की लड़ाई लड़ रही थी। जबकि पाकिस्तानी सेना लगातार उन्हें कवरिंग फायर दे रही थी। इस वजह से भारतीय सेना इस ऑपरेशन को खुल कर अंजाम नहीं दे पा रही थी।
करीब पंद्रह दिन पहले 30 से 40 आतंकियों ने केरन में भारतीय सीमा से करीब चार सौ मीटर भीतर घुस कर मोर्चा ले लिया था। सेना के मुताबिक उनकी योजना थी कि यहां से धीरे-धीरे वह घाटी में घुस जाएंगे। लेकिन सेना से सघन ऑपरेशन ने उनकी इस कोशिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया है।
ऑपरेशन शालाभाटा खत्म, आठ आतंकियों के शव बरामद
केरन सेक्टर के शालाभाटा गांव में पिछले 15 दिनों से चल रहा सेना का ऑपरेशन खत्म हो गया है। सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संजीव चाचरा ने बताया कि फिलहाल सेना की अतिरिक्त तैनाती और निगरानी जारी रहेगी।
सेना ने आठ आतंकियों की लाशें मिलने का दावा किया है। बाकी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। हमले में पाकिस्तान सेना का हाथ होने के सेना के पास पुख्ता सबूत हैं। आतंकियों के कब्जे से भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया गया है।
नहीं हैं कारगिल जैसे हालात
सेना प्रमुख ने साफ किया है कि केरन में कारगिल जैसे हालात नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह अतिक्रमण होता तो दुश्मन ऐसी जगह जाकर कब्जा जमाते, जहां वे दबदबे की स्थिति में होते। लेकिन वे नाले में छिपे बैठे थे। क्या नाले में बैठकर वे अपना वर्चस्व कायम कर सकते थे? यह बौखलाहट वाला कारनामा था, जिसे नाकाम कर दिया गया।
सर्दियों से पहले घुसपैठ की फिराक में
जनरल सिंह ने बताया कि बर्फबारी से पहले पाकिस्तानी सेना ज्यादा से ज्यादा घुसपैठियों को घाटी में प्रवेश कराना चाहती है। घुसपैठियों को आदेश दिया गया था कि वह किसी भी हालत में पीछे आने की नहीं सोचें।
क्या है पाक सेना की भूमिका
जनरल बिक्रम सिंह ने कहा, ‘मैंने खुद एलओसी पर तंगधार में एक ब्रिगेड को कमांड किया है और अखनूर में एक डिवीजन की भी अगुवाई की है। श्रीनगर स्थित 15 कोर का नेतृत्व भी किया है। एलओसी पर आमने-सामने की स्थिति है। ऐसे में आतंकवादियों की कोई भी गतिविधि पाकिस्तानी सेना की जानकारी के बिना हो पाना मुमकिन ही नहीं है।’
खत और इंटरसेप्ट से हुआ खुलासा
सेना प्रमुख ने बताया कि एक आतंकवादी के पास से खत बरामद हुआ है, जिससे पाक सेना की भूमिका के अलावा कई गतिविधियों को पता चला है। हमने उनके कई संदेश भी पकड़े हैं। ऑपरेशन के दौरान पकड़े गए इंटरसेप्ट से साफ हो गया है कि इन आतंकियों को पाकिस्तान की ओर से लगातार रसद और हथियारों की सप्लाई की जा रही थी।
केरन में हथियारों का जखीरा बरामद
श्रीनगर। सेना ने केरन सेक्टर में हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। अब तक कुल 23 एके-47 राइफल समेत 66 हथियार यहां से बरामद किए जा चुके हैं। मंगलवार को पांच एके राइफल, दो पिस्टल, 17 यूबीजीएल सर्च ऑपरेशन के बाद बरामद हुई हैं।
‘देश के दुश्मनों को समझ लेना चाहिए कि उनके किसी भी नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उनका मुकाबला पेशेवर सेना से है और वे किसी भी हालत में बचकर नहीं निकल सकते।’ जनरल बिक्रम सिंह, सेना प्रमुख