उमर अब्दुल्ला नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष हैंं।
- फोटो : PTI
ज पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारत सरकार द्वारा डोल्कुन ईसा के वीजा को रद्द करने की कड़ी आलोचना करते हुए केंद्र सरकार पर निशान साधा है। उमर ने ट्वीट किया है कि पहले जो डींगें हांकी थीं, उसका का क्या मतलब था? उमर ने यह भी लिखा है कि कैसे यह सरकार चीन के सामने खड़े होने में प्रथम है।
भारत ने चीन में आतंकवादी सरगना के तौर पर प्रतिबंधित जर्मन नागरिक डोल्कुन ईसा को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भारत आने के लिए टूरिस्ट वीजा दिया था।
ईसा धर्मशाला में 28 अप्रैल से एक मई के बीच होने वाली कांफ्रेंस में भाग लेने के लिए भारत आना चाहते थे। ईसा इस दौरान दलाई लामा से भी मुलाकात करने वाले थे। चीन ईसा को आतंकी मानता है और उसने भारत के इस कदम पर एतराज जताया था।
वहीं चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुन्यिग ने कहा था कि अगर भारत ने डोल्कुन ईसा को वीजा दिया है तो यह गलत है। डोल्कुन एक आतंकवादी है। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कार्नर नोटिस भी जारी है इसलिए सभी देशों की जिम्मेदारी बनती है कि उसे कानून के हवाले किया जाए। कानून के सामने उसे पेश करना सभी देशों का दायित्व बनता है।