श्रीनगर से एनआईटी के करीब 300 गैर कश्मीरी छात्रों ने जम्मू पहुंचकर तिरंगा लहराया। प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शनी मैदान में प्रदर्शन किया। डिप्टी सीएम के आवास की ओर बढ़ने की कोशिश पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
जम्मू विश्वविद्यालय जाने से भी रोका गया। श्रीनगर से 800 से अधिक छात्र यहां पहुंचे थे, लेकिन दूरदराज के छात्र सुबह ही अपने घरों को निकल गए। प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार अब नई दिल्ली में प्रदर्शन कर सरकार को जगाया जाएगा।
इस बीच, दिल्ली सरकार में पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा भी अपने कुछ साथियों के साथ प्रदर्शन में पहुंचे। जम्मू में आप कार्यकर्ताओं ने इन छात्रों से मंत्री की मुलाकात कराई। दोपहर तक छात्रों और पुलिस के बीच कशमकश चलती रही। इसके बाद सभी छात्र गुरुद्वारे में लंगर खाने चले गए। फिर शाम को रैली की शक्ल में तिरंगा लहराते हुए ट्रेन व बसों से अपने घरों को रवाना हो गए।
एनआईटी शिफ्ट करने सहित तीन मांगें
अपनी मांगों पर अड़े छात्र
- फोटो : Amar Ujala
सोमवार को सड़क मार्ग से जम्मू रवाना हुए देश के विभिन्न हिस्सों के छात्र मंगलवार सुबह गुम्मट स्थित बीबी चांद कौर गुरुद्वारा पहुंचे। उनके साथ कुछ छात्राएं भी थीं, जो सीधे अपने घरों को निकल गईं। वहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शनी ग्राउंड तक रैली निकाली। इस बीच छात्रों ने प्रदर्शनी ग्राउंड से निकलकर उपमुख्यमंत्री के आवास तक जाने का फैसला किया।
पुलिस के भारी बंदोबस्त ने इन छात्रों को बाहर नहीं निकलने दिया। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले कश्मीर में पुलिस ने पीटा और अब जम्मू मेें भी उन्हें अपना पक्ष नहीं रखने दिया जा रहा है। किसी तरह से बचते बचाते हुए वह श्रीनगर से जम्मू पहुंचे हैं। भूख हड़ताल भी रखी। वहां पर उन्हें मीडिया से अपनी बात नहीं करने दी गई। बर्बरतापूर्ण रवैैया अपनाया गया।
छात्रों ने बताया उनकी मुख्य तीन मांगें हैं। श्रीनगर से एनआईटी को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाए या गैर कश्मीरी छात्रों को देश के अन्य राज्यों की एनआईटी में शिफ्ट किया जाए। श्रीनगर में जिन पुलिसकर्मियों ने उन पर बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज किया था उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। श्रीनगर एनआईटी के स्टाफ को बदला जाए। उनका आरोप है कि इंस्टीट्यूट के स्टाफ उन्हें फेल करने की धमकी दे रहे हैं।
‘जम्मू आकर श्रीनगर की दहशत से मिला सकून’
तिरंगे के साथ एनआईटी छात्र
- फोटो : Amar Ujala
दहशत के साये से रातों रात जम्मू पहुंचे एनआईटी के गैर कश्मीरी छात्रों ने जम्मू पहुंचकर सकून पाया। इस सकून के बीच तिरंगे को लेकर उनका जोश कम नहीं था। कहीं न कहीं उन्हें अपने भविष्य की भी चिंता सता रही थी।
इन छात्रों ने कहा कि अगर उन्हें श्रीनगर जाकर दोबारा शिक्षा हासिल करनी होगी तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। अब माहौैल एकजुटता का है। समय बीतने के साथ सभी छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हाेंगे। कालेज के अंदर हालात सही नहीं है।
कुछ शरारती व असामाजिक तत्वों का भी कश्मीरी छात्रों को समर्थन प्राप्त है। कालेज के अंदर भयावह स्थिति है। छात्र सही तरीके से तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। छात्राएं भी खौफजदा हैं।
कालेज का स्टाफ भी देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। इससे पहले मीडिया से बात करने से इन छात्रों ने यह कहते हुए इंकार कर दिया कि अभी तक वह सदमे से उबर नहीं पाए हैं। नई दिल्ली के जतंर-मंतर पहुंचकर ही अपनी मांगों को उजागर करेंगे।