आबकारी विभाग की नई पॉलिसी के लागू होने से पहले ही शराब विक्रेताओं ने विरोध शुरू कर दिया है। पूरी तरह से इसे आधारहीन बताते हुए विक्रेताओं ने कहा कि इस पॉलिसी से किसी का भला नहीं होगा।
सरकार दावा कर रही है कि बेरोजगार लोगों को नई पॉलिसी में रोजगार देने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन यह दावा पूरी तरह से झूठा है। इस पॉलिसी के तहत किसी बेरोजगार को नहीं, बल्कि अरबपतियों को लाभ होगा। जाहिर सी बात है जो अधिक बोली लगाएगा उसे ही शराब की दुकान का लाइसेंस मिलेगा। ऐसे में यदि कोई 50 लाख बोली लगाएगा तो कोई आम नागरिक कहां से इतने पैसे लेकर लाइसेंस लेगा।
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बुधवार को पत्रकार वार्ता में जम्मू के शराब ट्रेडरों ने कहा कि इस पॉलिसी को वापस लिया जाना चाहिए। ट्रेडर चरणजीत सिंह का कहना है कि नई पॉलिसी का मतलब है कि 300 लोगों के पेट पर लात मारना।
नई पॉलिसी में वही लाइसेंस ले सकेगा, जिसके पास लाखों रुपये हैं। यदि सरकार नए लाइसेंस देना चाहती है तो ऐसे क्षेत्रों में लाइसेंस दे, जहां पर पहले से कोई दुकान नहीं है। लेकिन जिन लोगों के पास लाइसेंस हैं, उनसे लाइसेंस न लिए जाएं। सरकार को चाहिए कि वह इस पॉलिसी को वापस ले। सरकार का हर समय पर विक्रेताओं ने साथ दिया है, लेकिन अब उनके साथ नाइंसाफी हो रही है।