दिल्ली में आज वक्फ (संशोधन) बिल 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से मुलाकात करते हुए मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलमा के प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक ने कहा जम्मू और कश्मीर एक मुस्लिम-बहुल राज्य है और यहां के लोगों के कई मुद्दे हैं जिन्हें हम आज जेपीसी के सामने रखेंगे। हम इस पर एक विस्तृत ज्ञापन भी प्रस्तुत करेंगे। हम अपने मुद्दों को क्रमबद्ध तरीके से उठाएंगे और हमें उम्मीद है कि जेपीसी के सदस्य हमारी चिंताओं पर ध्यान देंगे।
उन्होंने कहा कि वक्फ एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसका सामाजिक और धार्मिक दोनों तरह से प्रभाव है। आप देख सकते हैं कि मस्जिदों और मंदिरों की बात होते ही तनाव का माहौल बन जाता है। हमें विश्वास है कि ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जो भाईचारे के माहौल को नुकसान पहुंचाए। मीरवाइज ने यह भी कहा कि उन्होंने सोचा था कि जेपीसी कश्मीर आएगी लेकिन उन्हें कम समय में दिल्ली बुलाया गया है।
इस मौके पर मीरवाइज उमर फारूक ने जम्मू और कश्मीर के लोगों की समस्याओं को सही तरीके से उजागर करने के लिए उम्मीद जताई और कहा कि उनका उद्देश्य राज्य में सामाजिक सद्भाव बनाए रखना है।