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हमें कब तक सरकार गठन का इंतजार करना होगा: उमर अब्दुल्ला

Fri, 04 Mar 2016 08:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू

सार

  • उमर ने कहा कि पीडीपी-भाजपा से पूछना चाहता हूं कि हमें कब तक सरकार गठन का इंतजार करना होगा
  • उमर के अनुसार पिछले दो महीने से यह दोनों दल अपने ही बारे में सोचते आए हैं, लेकिन अब इन्हें रियासत के बारे में सोचने की जरूरत है
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को श्रीनगर में पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर पीडीपी पर निशाना साधता। 
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उन्होंने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद के देहांत के बाद बार-बार यह बातें सामने आईं कि जल्द सरकार बनने वाली है। कभी कहा गया कि मुफ्ती साहब के चौथे के बाद, तो कभी चालीसवें के बाद फिर बजट के बाद, लेकिन अभी तक बात वहीं की वहीं है। 

उमर ने कहा कि पीडीपी-भाजपा से पूछना चाहता हूं कि हमें कब तक सरकार गठन का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि या तो आप सरकार बनाएं या राज्यपाल के पास जाकर नए सिरे से चुनाव करवाएं। 
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उन्होंने कहा कि जो मौजूदा हालात हैं उनसे रियासत को फायदा नहीं। यह अनिश्चितता खतरे से खाली नहीं। उमर के अनुसार पिछले दो महीने से यह दोनों दल अपने ही बारे में सोचते आए हैं, लेकिन अब इन्हें रियासत के बारे में सोचने की जरूरत है। 
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पीडीपी को शुरुआत में सरकार गठन को दिए गए ऑफर पर उमर ने कहा कि उस समय इसलिए हाथ बढ़ाया था ताकि रियासत से पीडीपी को बाहर रखा जा सके। लेकिन उस समय मुफ्ती साहब ने हमारे ऑफर को ठुकरा दिया। अब नए सिरे से ऑफर देने का सवाल ही नहीं पैदा होता, क्योंकि उन्होंने भाजपा की रियासत में एंट्री करवा दी है। 

श्रीनगर में आरएसएस की शाखाएं हैं। जम्मू में हथियारों समेत जुलूस निकाले जा रहे हैं। यहां तक कि जम्मू में गुज्जरों पर भी हमले हो रहे हैं। पुलिस फायरिंग हो रही है। ऐसे हालातों में अब पीडीपी के साथ हाथ मिलाने का सवाल ही नहीं। 

नेकां द्वारा सियासी हलचल में तेज़ी लाने पर कहा कि यह सामान्य संगठनात्मक राजनीतिक प्रक्रिया है। हमें चुनावों की तैयारियां करनी होंगी। राज भवन से भी इशारा आया है कि वह अर्बन लोकल बॉडीज के चुनावों की तैयारियां कर रहे हैं। हम उसके लिए तैयार हैं। हम विधानसभा चुनावों के लिए भी तैयार हैं। 

उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि जम्मू कश्मीर का मसला पैसों का नहीं है। उन्होंने कहा कि मैने प्रधानमंत्री से भी यह बात कही कि आप रियासत के लिए पैकेज भेजते हो, कश्मीर के लोग नाशुक्रगुजार नहीं, लेकिन जम्मू कश्मीर के मसले का हल पैसे से नहीं खरीदा जा सकता। 
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