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मनमोहन खोल सकते हैं जम्मू में नौकरियों का पिटारा

Thu, 20 Jun 2013 11:44 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, जम्मू
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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रस्तावित दौरे से जम्मू में उम्मीदों की लहर दौड़ गई है। पीएम के साथ यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी जम्मू कश्मीर आ रही हैं।
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मिशन 2014 के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्य के लिए उम्मीद योजना की शुरुआत की है जिससे 9 लाख महिलाओं के लिए रोजगार के द्वार खुल सकते हैं।

अब जम्मू को प्रधानमंत्री से विशेष पैकेज की उम्मीद है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और राज्यपाल एनएन वोहरा के बीच पीएम और सोनिया के दौरे को लेकर दो बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों ने सीएम ने राज्यपाल से प्रस्तावित मांगों पर चर्चा की है।

उमर ने बुधवार को भी इस मामले में राज्यपाल से मुलाकात की। इससे पहले केंद्र सरकार ने भी उदार मदद के संकेत दिए हैं। विकास योजनाओं में केंद्रीय मदद के बकाए को जारी करने के बारे में मुख्य सचिव मोहम्मद इकबाल खांडे और केंद्रीय कैबिनेट सचिव अजीत सेठ के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग हुई है।
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मुख्य सचिव ने विकास योजनाओं के लिए समय पर राशि जारी करने की मांग की है जिसे केंद्र से स्वीकृति मिल गई है। मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए विशेष पैकेज की मांग की है।

राज्यपाल को इस मुद्दे पर विश्वास में लिया गया है ताकि वह अपनी ओर से भी इस पर जोर डाल सकें।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जम्मू कश्मीर के सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री पुनर्वास कार्यक्रम की घोषणा 2004 में की थी। तब से इस कार्यक्रम की रफ्तार धीमी रही है।

पीएम के दौरे से पहले केंद्रीय गृह सचिव (डिजिनेट) अनिल गोस्वामी ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और मुख्य सचिव से मुलाकात कर इस कार्यक्रम की समीक्षा की है। योजना पर अबतक 9 हजार 157 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने अपने हिस्से के 5 हजार करोड़ रुपए जारी जारी किए हैं जिसमें से 96 प्रतिशत उपयोग हो चुका है।

जम्मू कश्मीर के संदर्भ में यह योजना प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। लिहाजा उनके दौरे के क्रम में इस योजना की बकाया राशि निर्गत हो सकती है। रियासत सरकार ने इस साल इस कार्यक्रम के तहत 700 करोड़ रुपए की मांग की है।

इसके अलावा जारी प्रोजेक्टों के लिए 1128 करोड़ 49 लाख रुपये की जरुरत है। रियासत को इस राशि के भी मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में 1344 बस्तियों को कवर किया गया है जबकि लक्ष्य 2504 है।

केंद्र ने इस मद में 577 करोड़ रुपए जारी किए हैं। भूमि अधिग्रहण के लिए रियासत को 800 करोड़ रुपए की जरुरत है। 25 जून को पीएम के प्रस्तावित दौरे से पहले रियासत की मांगें पीएमओ तक पहुंचा दी गई है।
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