भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत निलंबित होने से जम्मू-कश्मीर के व्यापारियों को भी झटका लगा है। राज्य सरकार तथा व्यापारी नियंत्रण रेखा के माध्यम से होने वाले व्यापार में कुछ और वस्तुओं को शामिल कराना चाहते थे लेकिन अब उन्हें सफलता मिलने की उम्मीद बेहद कम है।
भारत और पाकिस्तान के व्यापारियों के बीच चकान दा बाग और सलामाबाद मीटिंग प्वाइंट पर व्यापार होता है। दोनों देश की सरकारों ने 21 वस्तुओं के आयात-निर्यात को मंजूरी दी हुई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार व्यापारी इस सूची में धातु, मिश्रित धातु, केमिकल उत्पाद, रेडीमेड कपड़े, खाद्य पदार्थ, क्रिकेट बैट, लकड़ी और स्टील के फर्नीचर, प्लास्टर ऑफ पेरिस तथा जूस और जैम जैसी वस्तुओं को शामिल करना चाहते थे।
उनकी यह भी मांग है कि व्यापार में वर्तमान वस्तु विनिमय प्रणाली की जगह बैंकिंग सुविधाएं शामिल की जाएं, टेलीफोन कनेक्टिविटी हो और दोनों तरफ डॉलर में व्यापार हो। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक पठानकोट आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के संबंधों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए व्यापारियों की मांग शायद ही पूरी हो पाए।
फिर पिछले हफ्ते पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने यह कहकर तनाव और बढ़ा दिया है कि भारत-पाक के बीच शांति वार्ता स्थगित है।