उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सर्दी के मौसम के मद्देनजर बिजली विकास विभाग की तैयारियों की समीक्षा की। सर्दियों में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करने की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने पावर ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन में सभी कमियों को अक्टूबर तक पूरा करने को कहा। बिजली घाटे को 10 फीसदी कम करने के लिए तीन महीने की समयसीमा तय की।
पिछले वर्षों से सबक लेते हुए उप-राज्यपाल ने सर्दियों के दौरान लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बहुआयामी रणनीति तैयार करने को कहा। उप-राज्यपाल ने विभाग के अधिकारियों को दोनों संभागों में बर्फीले, दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के लिए आगे की योजना बनाने और बिजली खरीद लागत को कम करने के लिए एक सप्ताह के भीतर रणनीति बनाने को कहा।
पिछली बैठक में पारित निर्देशों को दोहराते हुए उप-राज्यपाल ने फीडरों की प्रभावी निगरानी का और फीडर नुकसान के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने अक्तूबर तक बड़े प्रोजेक्टों को पूरा करने को कहा। इस दौरान विभाग के एमडी ने सर्दी के मौसम के लिए विभाग की रणनीति की विस्तृत जानकारी दी।