कश्मीर घाटी के बांडीपोरा जिले में झेलम दरिया पर निर्माणाधीन किशनगंगा परियोजना कमीशन होने की तरफ बढ़ रही है। 330 मेगावाट पन बिजली उत्पादन क्षमता की परियोजना रियासत में एनएचपीसी की आठवीं परियोजना होगी।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालही में किशन गंगा परियोजना को जल्द पूरा करने के दिशा निर्देश के बाद परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। साल के अंत या फिर अगले साल के शुरुआती महीनों में परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया जा सकता है। इस परियोजना से रियासत को 12 फीसदी मुफ्त बिजली मिल पाएगी।
किशन गंगा परियोजना में 110 मेगावाट की तीन यूनिट रहेगी। अंडर ग्राउंड पावर हाउस वाली किशन गंगा परियोजना का निर्माण साल 2007 में एनएचपीसी की ओर से शुरू किया गया था। पाकिस्तान की ओर से परियोजना की डैम की ऊंचाई को लेकर साल 2010 में अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट हेग में याचिका दायर की गई थी।
साल 2013 में अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट ने भारत के पक्ष में फैसला सुनाया। हालांकि भारत को डैम की ऊंचाई को 98 मीटर से कम कर 37 मीटर करना पड़ा है। साल 2013 से लेकर अब तक करीब 90 फीसदी काम परियोजना पर पूरा किया जा चुका है।