अभाविप के कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ता
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की कठुआ इकाई द्वारा स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में समारोह का आयोजन किया गया। डिग्री कालेज कठुआ में आयोजित समारोह में परिषद के राष्ट्रीय सह संयोजक सचिव श्रीनिवास मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। कालेज के प्रिंसिपल डा. नेत्र सिंह रैना ने कहा कि विवेकानंद के अनुसार शिक्षा सभी बुराइयों से लड़ने का माध्यम है। हम शिक्षा के माध्यम से उचित कार्य कर पाने के लिए प्रयास करते हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए।
मुख्य वक्ता श्रीनिवास ने कहा कि युवाओं को समाज में बदलाव के लिए खुद को समर्पित करना चाहिए। भारत की संस्कृति और इतिहास आज दुनिया के लिए बेहतर है। भारत को विश्व गुरु का दर्जा दिलवाने के लिए गौरवशाली अतीत याद कर भारतीय संस्कृति और शिक्षा के दर्शन को दुनिया के सामने रखना होगा। गुरु गोविंद सिंह और स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि इनको पता था कि युवाओं में निस्वार्थ बलिदान की शक्ति है। इसलिए ही भारतीयों की आत्मा में बलिदान अंकित है।
राज्य संयुक्त सचिव गुलाम मुस्तफा अली ने कहा कि युवा शक्ति को स्वामी जी के शब्दों को याद रखना होगा और देश को नई ऊंचाइयां प्रदान करनी होंगी। इस मौके पर राज्य प्रधान ईश्वर शरद के साथ-साथ राहुल शर्मा, अक्षय भारती, मयंक, अमित शर्मा, अंकिता गुप्ता, नेहा गुप्ता और विवेक शामिल रहे।