कठुआ। शहरी क्षेत्र में रहने वाले ओबीसी समाज के कुम्हार, नाई, तेली और धोबी जाति के युवाओं को ओबीसी प्रमाण पत्र न मिलने पर सोमवार को कठुआ में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि उन्हें शीघ्र प्रमाण पत्र जारी किए जाएं ताकि वे आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकें।
इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कुमार शिंदा ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा कि देशभर में ओबीसी समाज की 36 जातियों को प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर में शहरी क्षेत्र के लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक साल पहले तक शहरी क्षेत्र में रहने वाले युवाओं को भी प्रमाण पत्र मिलते थे, लेकिन सरकार के गठन के बाद से यह प्रक्रिया रोक दी गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार के नियमों के अनुसार केवल उन परिवारों को लाभ से वंचित किया जा सकता है जिनकी वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक है। लेकिन ऐसा कोई नियम नहीं है कि शहरी क्षेत्र में रहने वाले ओबीसी समाज के युवाओं को उनकी जाति के आधार पर अलग कर दिया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि उनका यह आंदोलन फिलहाल सांकेतिक है। यदि जल्द राहत नहीं दी गई तो आने वाले दिनों में कठुआ ही नहीं, बल्कि हर शहरी क्षेत्र के युवा इस मुद्दे पर आवाज उठाने के लिए मजबूर होंगे। जिनकी संख्या हजारों में होगी, लिहाजा इस वर्ग की समस्या का जल्द समाधान किया जाए।