पहाड़ी तहसील लोहाई मल्हार के लोहाई गांव में रविवार को एक युवक की अस्पताल में चिकित्सा सुविधा न मिलने से मौत हो गई। युवक को इलाज के लिए जब अस्पताल में ले जाया गया तो उस समय वहां न तो कोई डाक्टर था और न पैरा मेडिकल स्टाफ। यहां तक कि चपरासी और चौकीदार तक अस्पताल में हाजिर नहीं था।
हालांकि, इस संबंध में जब ब्लाक मेडिकल अधिकारी डाक्टर लखबिंदर सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में ऐसी कोई बात नहीं आई है। फिर वह इस संबंध में जांच कराई जाएगी। इस घटना से स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति गहरा रोष पैदा हो गया है। उन्होंने गैरहाजिर रहे पूरे स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। तीस वर्षीय महबूब आलम लोहाई गांव का रहने वाला था।
इस संबंध में गांव के शम्सदीन ने बताया कि महबूब आलम के पेट में रविवार को जोर से दर्द हुआ। इससे उसकी हालत काफी बिगड़ गई। अधिक हालत बिगड़ते देख उसके परिवार के सदस्य उसे इलाज के लिए नजदीकी प्राइमरी हेल्थ सेंटर लोहाई ले गए, लेकिन वहां न तो कोई डाक्टर मिला और न ही अन्य कर्मचारी।
नतीजतन, बिना इलाज के महबूब ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि यदि महबूब को समय पर प्राथमिक चिकित्सा मिल जाती तो शायद उसकी जान को बचाया जा सकता था।
गांव के लोगों का कहना है कि लोहाई पीएचसी में एक दर्जन से अधिक का स्टाफ है, लेकिन डाक्टरों और अन्य कर्मचारियों के आए दिन गैरहाजिर रहने से मरीजों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की गुहार लगाई है।