सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को खेलकूद की ओर अग्रसर करने की दिशा में बीएसएफ द्वारा सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत बीएसएफ की 173 बटालियन के शहीद गुरनाम सिंह की याद में वालीबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्राइमरी स्कूल लौंडी में आयोजित वालीबाल के फाइनल मुकाबले में बोबिया और मंगूचक की टीमें आमने-सामनें हुई। इस मौके पर बीएसएफ के डीआईजी प्रदीप कत्याल मुख्य अतिथि थे। रीनू कत्याल विशेष तौर पर पर उपस्थित हुईं।
फाइनल मुकाबले में बोबिया ने मंगूचक की टीम को 2-1 से हरा दिया। पहले सेट में मंगुचक की टीम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए सेट अपने नाम किया। इसके बाद आगे के दोनों सेट में जोरदार वापसी करते हुए बोबिया की टीम ने सेट और मैच अपने नाम किया। डीआईजी प्रदीप कत्याल ने विजेताओं को ट्राफी भेंट की। इसके साथ ही सभी खिलाड़ियों को टी-शर्ट व मेडल भी प्रदान किए गए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बटालियन के शहीद जवान गुरनाम सिंह ने बाइस अक्तूबर 2016 को शहीदी प्राप्त की थी।
जवान ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया था। उन्होंने कहा कि जब तक सीमा पर गुरनाम सिंह जैसे जांबाज रहेंगे, भारत की सीमा सुरक्षित है। उन्होंने शहीद गुरनाम के माता-पिता को भी सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि 31 से 27 जनवरी तक लीग दौर में बेहतर प्रदर्शन कर बोबिया और मंगूचक की टीमें फाइनल में जगह बना पाई। इस प्रतियोगिता में दस गांवों की टीमों ने हिस्सा लिया था।