भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बढ़ते तनाव के कारण तेजी से पलायन हो रहा है। बीती रात से बुधवार शाम तक जीरो लाइन से एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले दो दर्जन गांव पूरी तरह से और 19 गांव आंशिक रूप से खाली करवा लिए गए हैं।
करीब आठ हजार ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर बनाए गए राहत शिविरों में शिफ्ट कर दिया गया है। हालात और नाजुक होते हैं तो पलायन की प्रक्रिया एक किलोमीटर के दायरे से बढ़ाकर पहले से चिह्नित पांच किलोमीटर तक फैले इलाके तक चलाई जा सकती है।
अरनिया के बाद मनियारी और पानसर में बीती रात को पाकिस्तान ने गोलाबारी शुरू कर दी। एहतियातन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की कवायद शुरू कर दी गई।
जीरो लाइन से एक किलोमीटर तक स्थित 43 गांवों से ग्रामीणों का पलायन करवाया गया। रात भर गोलाबारी का सिलसिला जारी रहने से हालात और बदतर हो गए हालांकि बुधवार की सुबह आठ बजे फायरिंग का सिलसिला थम गया।
इस बीच सुरक्षा बलों ने सरहदी गांवों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की कवायद तेज कर दी। कुछ लोग ट्रैक्टर, मेटाडोर सहित अन्य निजी वाहनों पर सवार होकर सुरक्षित स्थानों को कूच कर गए तो कई को सुरक्षा बलों के बुलेट प्रूफ वाहनों में शिफ्ट कर दिया गया।
एसएसपी कठुआ मोहन लाल के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन से एक किलोमीटर भीतर तक के इलाकों से करीब 8000 ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है।