कठुआ। केंद्र सरकार की घोषित पुनर्वास राशि के वितरण में देरी से पश्चिमी पाकिस्तान रिफ्यूजियों की चिंता बढ़ती जा रही है। बुधवार को वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी के बैनर तले हुई बैठक में रिफ्यूजियों ने पुनर्वास राशि के लाभार्थियों की दस्तावेजी प्रक्रिया सरल बनाते हुए जल्द लाभ देने की मांग की। इस दौरान भूमि का मालिकाना हक अभी तक नहीं मिलने पर नारेबाजी भी की।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा पुनर्वास राशि के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च है। लेकिन अभी भी कठुआ जिले में करीब 150 परिवारों के पास आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। ऐसी ही स्थिति रही तो वह आवेदन नहीं कर पाएंगे। सरकार की पहल का वह लोग लाभ नहीं ले पाएंगे। वहीं जमीन के मालिकाना हक को लेकर उपराज्यपाल की ओर से की गई घोषणा को जमीनी स्तर पर अब तक लागू न होने पर चिंता जताई। रिफ्यूजियों का कहना था कि छह माह पूर्व की गई घोषणा का अब तक रिफ्यूजियों को लाभ नहीं मिल पाया है। इससे आज भी रिफ्यूजी अपना घर नहीं बना पा रहे हैं।
वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी के प्रधान लब्बा राम गांधी ने कहा कि जिले में अब तक 600 के करीब परिवारों की दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब जो लोग बचे हैं, उनके भी 31 मार्च से पहले आवेदन जमा करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक आवेदन की प्रक्रिया पूरी न होने के पीछे अगर प्रशासन की ओर से कमजोरी रही है तो रिफ्यूजी भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। फिलहाल सभी को लाभ मिले, इसके लिए प्रयास किए जा रहे है। वहीं, उन्होंने जमीन के मालिकाना हक के मसले में बताया कि हाल के दिनों में मंडलायुक्त ने संभाग के सभी जिले के उपायुक्तों के साथ बैठक कर उन्हें इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद है कि इसी सप्ताह से रिफ्यूजियों को उनकी जमीन का हक मिलना शुरू हो जाएगा।