कठुआ जिले में गर्मी ने नया रिकार्ड स्थापित किया है। वीरवार को सामान्य से चार डिग्री अधिक रहते हुए पारा अधिकतम 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। आम तौर पर 19 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच फरवरी में तापमान रहता है, जो इस बार फरवरी के आखिरी सप्ताह में आठ डिग्री तक बढ़ गया है। किसान और बागवान जहां इसे लेकर चिंतित हैं वहीं मौसम विशेषज्ञ भी तापमान में इस भारी बदलाव को सही नहीं मान रहे हैं।
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जले का एक बड़ा इलाका कंडी का है, जहां मौसम नहीं बदला तो प्राकृतिक जलस्त्रोत समय से पहले ही सूख जाएंगे। इसका सीधा असर खेती से लेकर लोगों की आम जरूरतों पर भी पड़ना स्वाभाविक है। कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ विशाल महाजन ने बताया कि तापमान में काफी बढ़त हुई है। वर्ष 2013 में अधिकतम तापमान जहां 19.0 रहा है वहीं 2014 में 22.7, वर्ष 2017 में 23.7, वर्ष 2018 में 24.6, वर्ष 2019 में 20.9 और वर्ष 2020 24.6 अधिकतम दर्ज किया गया है।