दिन-ब-दिन मौसम में ठंडक घोल रहा पारा लुड़कता जा रहा है। इस बीच चुनावी पारे में तेजी आने लगी है। मौसम के ठीक उलट चाल चलते हुए चुनावी सरगर्मियाें ने जोर पकड़ लिया है।
मतदान के लिए ठीक एक महीना शेष रहने पर भी काउंटडाउन को ध्यान में रखते हुए सियासी धुरंधराें से लेकर नए चेहरों ने ताल ठोकने की तैयारियों में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ने की ठान ली है।
चुनावी पटल पर हर रोज बनते बिगड़ते समीकरण नये-नये रोमांच पैदा कर रहे हैं। दूसरी तरफ प्रशासन के लिए मतदान का लक्ष्य आने के बाद जिस तेजी से अभियान चलाया जा रहा है वह सरकारी मुलाजिमों के लिए भी काउंटडाउन की तरह ही है।
दरअसल कठुआ जिले की पांचों सीटों पर ठीक एक महीने बाद 20 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। आखिरी चरण में प्रस्तावित मतदान को अपने पक्ष में भुनाने के लिए सियासी दलों के कद्दावर नेताओं से लेकर निर्दलीय धुरंधर अपनी ताकत झोंकने में लग गए हैं।
बिलावर, बसोहली, बनी और हीरानगर में प्रचार अभियान तेज है तो कठुआ विधानसभा क्षेत्र के दावेदार नेताओं में से अधिकतर ने प्रचार का पहला चरण पूरा कर लिया है।
बीते चुनाव में हार के बावजूद शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रत्याशी के अनुसार वह विधानसभा क्षेत्र के हर कोने को प्रचार के नजरिए से छू चुके हैं।
फिलहाल उनका रिविजन चल रहा है। वहीं कई अन्य प्रत्याशियों ने कंडी और मैदानी इलाकों का शेड्यूल बनाकर प्रचार अभियान में तेजी ला दी है।
बीते एक सप्ताह के दौरान कठुआ विधानसभा क्षेत्र के कंडी और मैदानी इलाकों में धुआंधार प्रचार अभियान चलने से चुनावी पारे में उछाल आ गया है। संभावित प्रत्याशी जिस भी इलाके से गुजरते हैं उनके प्रचार के तौर तरीकों और वादों इरादों पर बहस शुरू हो जाती है।