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सीमांत ग्रामीणों को प्लॉट देने पर गंभीरता से होगा विचार

Tue, 14 Oct 2014 12:29 AM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कठुअा
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भारत और पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित गांवों के विस्थापित परिवारों को पीएमओ में मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
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सोमवार को हीरानगर सब डिविजन में स्थित विस्थापित शिविर में पहुंचे सिंह ने कहा कि लंबे अरसे से आंख दिखाता आ रहा पाकिस्तान को भारत की जवाबी कार्रवाई से अच्छा सबक मिला है।

पाकिस्तान इस जवाबी कार्रवाई से नई सरकार के मिजात से वाकिफ हो गया है। अब उसकी ओर से बातचीत के न्योते आ रहे हैं।

विस्थापितों की समस्याओं पर उन्होंने कहा कि सुरक्षित स्थानों पर प्लॉट का प्रस्ताव भाजपा ने ही दिया था। अब भाजपा की सरकार है तो इस मांग को पूरा करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
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उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाके में आवासीय इलाकों में पक्के बंकर बनाए जाने की जरूरत है ताकि आपात स्थिति में कुछ देर के लिए ग्रामीण पनाह ले सकें।

उन्होंने युवाओं की भर्ती के संबंध में कहा कि वर्ष 2004 में वाजपेयी सरकार ने युवाओं की भर्ती की थी। इसे लेकर गृह मंत्री से बातचीत की गई है।

एलओसी और आरबीए को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा के लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंत्री ने कहा कि पूर्व में सीमावर्ती इलाके में इंसानी मौत पर मुआवजा एक लाख रुपये था जिसे तीन लाख रुपये किया जा रहा है वहीं घायल होने पर 50 हजार रुपये देने की व्यवस्था होगी।

इसी तरह से एसपीओ युवाओं का वेतन 6 हजार रुपये करने की योजना है। पीएमओ में मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार तमाम मुद्दों से भलीभांति परिचित है।

इसमें जल्द से जल्द अमल करने की व्यवस्था की जाएगी। श्री सिंह ने कहा कि प्रशासन जिस तरह से विस्थापितों की मदद में जुटा है वह दर्शाता है वह नई सरकार की गंभीरता का सबूत है।
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वहीं हीरानगर दौरा करने के बाद कठुआ पहुंचे पीएमओ मंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं।

वक्ताओं ने खुलकर अपनी समस्याएं और मुद्दों को उनके सम्मुख रखा। इस दौरान हीरानगर विधायक दुर्गादास, भाजपा जिला अध्यक्ष विजय शर्मा के अलावा प्रदेश और जिला स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद थे।
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