जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) में एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों में डायरिया होने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जाता है कि विद्यालय में लगे आरओ काम नहीं कर रहे थे।
यहां तक कि डैम से पानी सीधे लिफ्ट किया जा रहा था। अब तक पीएचई विभाग से पानी की सप्लाई को बीमारी के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा था, लेकिन इस लेकिन इस मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है।
दरअसल, जेएनवी बसोहली में रहने वाले बच्चों को पीएचई की सप्लाई मात्र एक घंटे तक की जाती है। ऐसे में स्कूल प्रबंधन की ओर से वैकल्पिक इंतजाम कर डैम का पानी सीधे लिफ्ट किया जा रहा था।
हालांकि, इसे साफ करने के लिए वाटर प्यूरिफायर लगाए गए थे, लेकिन सूत्रों के अनुसार विद्यालय परिसर में लगे अधिकतर आरओ काम ही नहीं कर रहे थे। पिछले एक महीने से रावी दरिया का जलस्तर लगातार घटने से संभवत: दूषित पानी स्कूल में सप्लाई हुआ।
सूत्रों ने बताया कि विद्यालय में लगाए गए आरओ कुछ दिनों से काफी कम मात्रा में पानी की सफाई कर पा रहे थे। यहां तक कि कुछ आरओ से पानी को स्वच्छ करने के लिए लगाई गई मेंबरेन को भी हटा दिया गया था।
ऐसे में बिना ट्रीटमेंट किया पानी बच्चों को पीने को मिला, जिससे दर्जनों बच्चे डायरिया के शिकार हुए। जेएनवी के प्रधानाचार्य सोमनाथ से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि आरओ की मेंबरेन से काफी कम पानी की सप्लाई होती था, जिसे कुछ दिन पहले बंद कर दिया गया था। अब एक बार फिर इसे ठीक करा दिया गया है।