जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) बसोहली में डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सोमवार को 53 और बच्चों में डायरिया के लक्षण पाए गए हैं। यह वह बच्चे हैं, जिनका सोमवार को स्कूल में पहुंची डाक्टरों की टीम ने जांच की। इससे पहले रविवार को 22 बच्चे अस्पताल में भर्ती कराए गए थे।
इतनी बड़ी संख्या में बच्चों में डायरिया की शिकायत के बाद तहसीलदार बसोहली समरिंद्र सिंह और बीएमओ नीरज नागपाल के नेतृत्व में डाक्टरों की टीम ने जवाहर नवोदय विद्यालय बसोहली का दौरा किया।
आवासीय विद्यालय में रह रहे बच्चों की सेहत की जांच करने के बाद उन्हें जरूरी हिदायतें भी दी गईं। टीम में शामिल डाक्टर विनोद शर्मा और डाक्टर रजनीश ने बताया कि सोमवार को 53 बच्चों में डायरिया के लक्षण पाए गए हैं। इन बच्चों को पेट में दर्द के साथ उल्टी, दस्त की भी शिकायत थी।
इनमें से दो बच्चों को उपचार के लिए बसोहली उपजिला अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था। यहां से एक को कठुआ जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। कठुआ रेफर किए गए कुल बच्चों की संख्या अब तक चार हो गई है।
जवाहर नवोदय विद्यालय में जांच के लिए पहुंचे तहसीलदार ने बताया कि कुछ बच्चों में डायरिया की शिकायत है। बच्चों से बातचीत की गई है और कारण जानने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके साथ ही विद्यालय प्रबंधन को बच्चों को बाहर से कुछ भी खाने की अनुमति न देने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि रविवार को 22 बच्चों को बसोहली उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सभी में डायरिया के लक्षण पाए गए थे।
वर्तमान में स्कूल में 550 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, जो स्कूल परिसर में बने हास्टल में रहते हैं। जिला अस्पताल कठुआ में पहुंचे बच्चों के साथ आए एक शिक्षक ने रविवार को बताया था कि भोजन करने के बाद बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी।
वहीं, बसोहली नवोदय विद्यालय प्रबंधन की ओर से उप प्रधानाचार्य ने बताया था कि दो दिन पहले से कुछ बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत आ रही थी।