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Kathua News: लोग पैदल चलकर प्राकृतिक जल स्रोतों से ला रहे पानी

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बसोहली। कड़ी धूप और तपती गर्मी के बीच उपमंडल बसोहली के कई इलाकों में पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं। कहीं लोगों को सप्ताह भर से पानी नहीं मिल रहा तो कहीं अपने घरों से दूर कई किलोमीटर का पैदल सफर तय कर लोग प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ला रहे हैं।
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जिंदरैली से गुजर बस्ती की दूरी करीब दो किलोमीटर की है। यहां 1500 की आबादी के लिए नल तक नहीं लगाए गए हैं। इसके चलते लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है और लोग अपने घरों से दूर कई किलोमीटर जंगली रास्ते से पैदल चलकर प्राकृतिक जलस्रोत से पानी ला रहे हैं। स्थानीय मोहमद शरीफ, परवेज अहमद, सुलेमान कौसर अली, कमर दीन, रुकसार अहमद, इंद्र सिंह, महिंदर सिंह, मनोहर, मदन, गुज्जर बस्ती के शौकत अली, सरमु दीन, टेक अली, भुट्टू और मोहम्मद यूनुस आदि ने बताया कि इस समस्या के बारे में विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी कई बार अवगत करवाया जा चुका है। जब भी गर्मी का मौसम चरम पर होता है तो अक्सर ऐसी मुसीबतें लोगों को पेश आती हैं, जिनके स्थायी समाधान करने की जरूरत है।





लोग सियालग सड़क के नजदीक घराट से अपने वाहनों में पानी भरकर घरों तक पहुंचाते हैं। कई बार तो हालत इतनी खराब हो जाते हैं कि जब प्राकृतिक जल स्रोत पर पानी खत्म हो जाता है तो निजी टैंकरों के सहारे काम चलाना पड़ता है। वहीं गनुई धार में भी पानी की किल्लत के चलते लोग इतने परेशान हो उठे हैं कि अब वह सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने का मन बना रहे हैं। लोगों ने चेतावनी दी है कि लोगों की पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अगर शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। पंचायत धमलाड के नियाली के वार्ड एक दो तीन व चार वार्ड में एक सप्ताह से पानी नहीं आया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस समस्या के बारे में जलशक्ति विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया जा चुका है लेकिन सिर्फ झूठे आश्वासन मिल रहे हैं।
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लोग घरों से दो किलोमीटर जंगली रास्ते से होकर प्राकृतिक जल स्त्रोत से पानी ला रहे हैं जंगली रास्ता होने के साथ तेंदुए की दहशत भी लोगों में हैं। जलशक्ति विभाग के एईई जोगेश शर्मा ने बताया कि जहां पानी की कमी से लोग जूझ रहे हैं, वहां टीम को भेजकर हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। कहीं पाइपलाइनों को दुरुस्त किया जा रहा है और कहीं टैंकरों के जरिए पानी भेजा जा रहा है। गनुई धार और गुज्जर बस्ती के लोगों के लिए भी पानी के टैंकर भेजे जाएंगे। वहीं उनकी पानी की समस्या से संबंधित समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
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