उप जिला अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा केंद्रों पर डाक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की किल्लत के खिलाफ रोष प्रगट करने के लिए वीरवार को धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द तमाम खाली पडे़ पदों को नहीं भरा गया तो एक बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान यदि कानून व्यवस्था बिगडी तो उसकी तमाम जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
वीरवार को सब डिवीजन के विभिन्न भागों ने सैकड़ों की संख्या में लोगों ने अत्याचार भ्रष्टाचार मुक्ति संगठन के बैनर तले उप जिला अस्पताल के बाहर इक्टठा होकर सरकार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन किया। काफी देर तक जब प्रदर्शनकारियों की बात सुनने के लिए कोई भी अधिकारी घटना स्थल पर नहीं पहुंचा तो उन्होंने अस्पताल के मुख्य द्वारा के बाहर बिलावर फिंतर पर मार्ग पर धरना लगा कर उसे यातायात के लिए अवरुद्ध कर दिया।
इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष एडवोकेट पंकज बसोत्रा ने कहा कि उप जिला अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा केंद्रों में डाक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ के की कई पद खाली पड़े हुए हैं। उप जिला अस्पताल में फिजिशयन, पैडिएट्रिक डाक्टरों के पद खाली रहने से रोगियों को कई दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।
अक्सर रोगियों को जीएमसी रेफर कर दिया जाता है। चूकी बिलावर से जम्मू पहुंचने के लिए तीन घंटों से अधिक का समय लगता है। नतीजतन कई बार गंभीर दशा वाले रोगी रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। उन्होंने समस्या के लिए स्थानीय विधायक और डिप्टी सीएम को दोषी ठहराते हुए कहा कि उनकी अनदेखी के कारण ही यह सब कुछ हो रहा है।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द डाक्टरों की नियुक्ति नहीं की गई तो एक बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान तहसीलदार विश्वजीत सिंह और एसएचओ सुशील कुमार शर्मा घटना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझा कर धरना हटवाया। इस अवसर पर मोहिंद्र सिंह मनकोटिया, सचिन खजूरिया, अभी अंडोत्रा, बबलू चौधरी, लक्की, रोशन, अंकज, अभिनाश, अमरजीत व अन्य उपस्थित थे।