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Kathua News: जर्जर इमारत में लगाई जा रहीं कक्षाएं

Tue, 10 Jun 2025 01:34 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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खरोट ​स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल का भवन। 
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कठुआ। राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल खरोट की इमारत छह साल बाद भी अधूरी है। इस कारण स्कूल प्रशासन आधी अधूरी इमारत में विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाने के लिए मजबूर है। जिला शिक्षा विभाग ने निर्माणाधीन इमारत को पूरा करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सरकार को सौंपी है। उम्मीद है कि जल्द ही निर्माण कार्य पूरा होगा।
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इस स्कूल को वर्ष 2019 में हाईस्कूल से हायर सेकेंडरी स्कूल का दर्जा मिलने के बाद राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के तहत एक मंजिला इमारत बनाने का काम शुरू हुआ था। एक मंजिला इमारत में 10 कमरों का निर्माण किया जाना था।
शिक्षा विभाग ने रमसा के तहत इस इमारत के लिए 1.35 करोड़ की राशि निर्धारित की थी। इसके बाद निविदा के माध्यम से 85 लाख रुपये में इसका निर्माणकार्य एक ठेकेदार को सौंपा गया था।
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इस बीच केंद्र सरकार की ओर से रमसा और सर्व शिक्षा अभियान को बंद कर समग्र शिक्षा बना दिया गया और पूर्व में चल रहीं दोनों योजनाओं के वित्त खाते बंद कर दिए गए।
इस कारण इस इमारत का निर्माण कार्य अधूरा रह गया। हालांकि संबंधित ठेकेदार ने जारी की गई राशि से एक मंजिला इमारत का ढांचागत निर्माण पूरा करवा दिया है लेकिन पर्याप्त राशि न मिलने से इमारत की खिड़कियों, बिजली का काम और अन्य निर्माणकार्य अभी भी बचे हैं। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।


300 विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाने के लिए सिर्फ छह कमरे उपलब्ध

स्कूल प्रशासन के मुताबिक 300 विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाने के लिए सिर्फ छह कमरे उपलब्ध हैं। इनमें से पहले से बने चार कमरे जर्जर हो चुके हैं। इनकी तुरंत मरम्मत की जरूरत है। वहीं, पहले से बने तीन कमरे प्रयोगशाला के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जबकि एक-एक कमरे में पुस्तकालय, आईसीटी लैब, स्पोर्ट्स रूम, आगाज लैब, स्कूल कार्यालय सहित शिक्षकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। ऐसे में स्कूल प्रशासन पिछले कई सालों से आधी अधूरी इमारत में आठवीं से 12वीं तक की कक्षाएं लगाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि निर्माणाधीन इमारत में खिड़कियां और बिजली की व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी अंदर घुस जाता है। स्कूल की ऊपरी इमारत में पंखा न होने से गर्मियों में कक्षाएं लगाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।


निर्माणाधीन इमारत के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है और अधूरे पड़े निर्माणकार्य के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा विभाग को सौंपी जा चुकी है। उम्मीद है कि अधूरा पड़ा निर्माण कार्य जल्द पूरा होगा और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा मिल पाएगी। -मंगत राम शर्मा, जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी, कठुआ।
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