संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। सूचना क्रांति के इस युग में शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी लैस करने के हायर सेकेंडरी स्कूल माड़ा पट्टी में तीन दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर प्रशिक्षण सत्र शुरू हो गया है। सोमवार को पहले दिन माड़ा पट्टी और पलासी कलस्टर के करीब 40 शिक्षकों को इस विषय के बारे में जानकारी दी गई।
रिसोर्स पर्सन रहे जोनल नोडल अधिकारी अभिनव से शिक्षकों को कंप्यूटर के परिचय से शुरू करते हुए अपने व्याख्यान के दौरान बताया कि धरती पर इंसान को सबसे बुद्धिमान माना जाता है। यानी इंसानी बुद्धि किसी भी टास्क को कर सकती है। वहीं जब मशीन किसी इंसानी काम को इंसानों की तरह सोच-समझ कर करने लगे तो वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहलाती है।
उन्होंने शिक्षकों को बताया कि इस तकनीक के उपयोग से न केवल हम विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बना सकते हैं। बल्कि शिक्षकों के लिए भी समय बचाने और व्यक्तिगत शिक्षा प्रदान करने के अवसर को बढ़ा सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि क्या विद्यार्थियों के लिए व्यक्तिगत शिक्षण अनुभव प्रदान करता है। एआई बेस्ड टूल और एप्स विद्यार्थियों की क्षमता रुझान और सीखने के तरीकों को समझ कर उसके लिए कस्टमाइज्ड पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं। इससे विद्यार्थियों को अपनी गति से अध्ययन करने का मौका मिलता है।
उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल विद्यार्थियों के लिए नहीं बल्कि शिक्षकों के लिए भी सहायक साबित हो रहा है। एआई बेस्ड टूल्स शिक्षकों को क्लासरूम में अधिक प्रभावी तरीके से पढ़ाई करने और छात्र की प्रगति की निगरानी में मदद करते हैं। इससे शिक्षकों का समय बचता है और वह विद्यार्थियों के समस्याओं पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। कुल मिलाकर यह तकनीक शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी क्रांति ला सकती है। जो विद्यार्थी और शिक्षकों दोनों के लिए लाभकारी होगी।