तूफान से क्षतिग्रस्त बिजली लाइन को दुरुस्त करता बिजली कर्मी। संवाद
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बिजली गिरने से बिलावर में मवेशी की मौत, 40 खंभे भी टूटे
कई जगह बिजली गुल, दूसरे दिन बहाली के लिए चलता रहा काम
कठुआ। जिले में एक बार फिर तूफान ने बिजली ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। हीरानगर सब डिवीजन में लगभग 40 खंभे टूट गए। उधर, बिलावर में बिजली गिरने से मवेशी की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार देर रात 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफान चला। वहीं, इससे बागवानी को भी भारी नुकसान हुआ है। वीरवार देर शाम मौसम बदलने के बाद रात दस बजे के लगभग भारी बारिश का दौर शुरू हो गया। हीरानगर और कठुआ के क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज तूफान से कई जगह पेड़ गिरने से खंभे और बिजली लाइनों को भी नुकसान पहुंचा है। हीरानगर के मुकंदपुर और कोटपुन्नू इलाके में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। जिले के 159 में 100 से ज्यादा फीडर रात में ही ठप हो गए। सुबह एक-एक कर फीडरों से फाॅल्ट हटाने और बिजली बहाल करने का काम शुरू हुआ। विभाग के अनुसार सभी फीडरों पर शाम तक बिजली बहाल कर दी गई। हालांकि कई इलाकों में बिजली की आंखमिचौली दिनभर जारी रही। कठुआ शहर के कुछ हिस्सों में भी रात से गुल बिजली शुक्रवार दोपहर तक बहाल हो पाई।
बिलावर के डुंगाडा गांव के एक व्यक्ति ने पुलिस थाने में उसके दुधारू मवेशी की बिजली गिरने से मौत होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। डुंगाडा निवासी मोहम्मद हनीफ ने बिलावर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई है कि वीरवार की रात को उसने अपने दुधारू मवेशी को घर के बाहर बांधा था । अचानक मौसम बदल गया और बिजली गिरने से मवेशी की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
उधर, बागवानों की चिंता भी बढ़ गई है। पिछले तूफान से भारी नुकसान के बाद इस बार भी आम और लीची को कई इलाकों में नुकसान पहुंचा है। सुबह बागों में जमीन पर बागवान आम की केरियां एकत्रित करते और खराब मौसम को कोसते नजर आए। संवाद