डोगरी पहनावे में डोगरी लोक कलाकार सरस भारती। संवाद
समय के साथ बदल रहा रिवाज, शादियों में अब नवविवाहितों और दुल्हनों की पसंद बन रहे डोगरी सूट
कठुआ। बदलते फैशन ट्रेंड में डोगरी सूट ने खास जगह बना ली है। शादी के फेरों से लेकर रिसेप्शन पार्टी तक पारंपरिक राजसी पहनावे डोगरी सूट को नया रूप दिया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक पहचान लिए यह सूट अब आधुनिक डिजाइन और हैवी वर्क के साथ फिर से लोकप्रिय हो रहे हैं।
इन दिनों विवाह समारोह में डोगरी सूट की झलक दिखाई दे रही है। शादी के हर फंक्शन में अलग-अलग आउटफिट्स की चाह रखने वाली महिलाएं डोगरी सूट को चुन रही हैं। हल्दी से लेकर रिसेप्शन तक यह आउटफिट न सिर्फ परंपरा को जीवंत करता है बल्कि आधुनिकता की छाप भी छोड़ता है। दुल्हनें रिसेप्शन में हैवी वर्क वाले सूट पहनना पसंद कर रही हैं।
डोगरी सूट में गले के आसपास, बाजुओं और सलवार पर पारंपरिक कढ़ाई और जरी का काम किया जाता है। यदि ग्राहक खुद फैब्रिक खरीदकर डिजाइन करवाते हैं तो उन्हें पूरे सूट पर विस्तृत वर्क मिलता है। इससे पहनावे की शोभा और बढ़ जाती है। जम्मू संभाग में खासे लोकप्रिय इस पहनावे के सूट तीन हजार से लेकर 15 हजार रुपये के बीच उपलब्ध हैं। गोल्डन जरी वर्क, फ्लोरल पैटर्न ज्यादा पंसद किए जा रहे हैं।
कोट
डोगरी सूट जम्मू-कश्मीर की शान हैं। अब ये आउटफिट्स मॉडर्न टच के साथ नए जमाने की दुल्हनों का स्टाइल स्टेटमेंट बनते जा रहे हैं। हेवी एम्ब्रॉयडरी और कलरफुल शेड्स वाले सूट न सिर्फ आपको खूबसूरत दिखाएंगे, बल्कि आपको सबसे अलग पहचान भी देंगे। इन दिनों शादी समारोह के आयोजनों में पूरी तरह से डोगरी संस्कृति के वेशभूषा में डुग्गन नाइट कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। जिसमें पूरा परिवार डोगरी संस्कृति से और अपने पहनावे से जुड़ता है।
सरस भारती, लोक कलाकार