कठुआ। गंदे नालों और दूषित पानी से कठुआ शहर को निजात दिलाने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की कवायद तेज हो गई है। शहर से सटे चनग्रां में 30 कनाल जमीन पर कठुआ शहर से दूषित पानी का ट्रीटमेंट किए जाने की योजना है। इसकी अनुमानित लागत 200 करोड़ के अनुसार रहने की संभावना है जिसके सही आंकलन के लिए डीपीआर को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट के शहरी पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग की ओर से इस डीपीआर को तैयार करवाया जा रहा है। विभाग ने हाल ही में सांबा और अखनूर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर भी प्रपोजल बनाया है। जिसके लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। उधर, कटरा की डीपीआर तैयार होने के बाद जमीन को लेकर सामने आई आपत्ति के बाद नई जगह चिह्नित किए जाने का काम किया जा रहा है।
कठुआ शहर को सीवरेज से निजात दिलाने के लिए और पर्यावरण को बचाने के लिए जमीन हासिल करने की प्रकिया भी शुरू कर दी गई है। विभाग के अधीक्षण अभियंता की ओर से जमीन की उपलब्धता को लेकर जिला मजिस्ट्रेट को भी लिखा गया है ताकि डीपीआर को तैयार होने के साथ ही मंजूरी के लिए भेजा जा सके।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस परियोजना में दो सौ करोड़ तक का खर्चा आ सकता है। जिसके लिए संबंधित विभाग ने कंसल्टेंट के साथ सर्वे और डीपीआर बनाने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया हुआ है। स्वीकृति मिलने पर इसे मंजूरी के लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजा जाएगा। शहरी पर्यावरण इंजीनियरिंग डिवीजन के तहत कठुआ शहर में अपनी ही तरह का यह पूरी तरह से नवीनतम तकनीक से लैस सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट होगा।
ज्ञात रहे कि जम्मू-कश्मीर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का एक नेटवर्क स्थापित करने और स्वच्छता परिदृश्य में सुधार के उद्देश्य से सरकार ने तीन नई सीवरेज योजनाओं को दो वर्ष पूर्व योजनाबद्ध किया गया था जिसमें कटरा के साथ साथ रामबन और कठुआ भी शामिल हैं।
सीवरेज ट्रीटमेंट परियोजना को लेकर कवायद तेजी से जारी है। फिलहाल परियोजना की डीपीआर तैयार किए जाने का काम अंतिम चरण में है। जमीन चनग्रां के नजदीक चिह्नित की गई है जिसके लिए जिला प्रशासन को 30 कनाल जमीन उपलब्ध करवाने को लिखा गया है। प्रशासन की ओर से उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के बाद डीपीआर को मंजूरी के लिए भेजा जा सकेगा।
अश्विनीसेठ
कार्यकारी अभियंता
सीवरेज एंड ड्रेनेज डिवीजन वेस्ट जम्मू