कठुआ। जम्मू कश्मीर सरकार की ओर से निकाले गए नए एसआरओ 202 का नगरी म्यूनिसिपल कमेटी के पार्षदों ने विरोध किया है। पार्षदों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकल बॉडीज में वर्षों से सेवाएं दे रहे दैनिक वेतनभोगियों और कांट्रैक्चुअल कर्मियों को इससे नुकसान हो सकता है। ऐसे में नए एसआरओ को लागू करने से पहले पूर्व में सेवाएं दे रहे लोगों को नियमित करना चाहिए।
नगर म्यूनिसिपल कमेटी में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान बोलते हुए कमेटी के उपप्रधान सतपाल सैनी ने कहा कि सरकार ने एसआरओ 202 के तहत प्रदेश की तमाम लोकल बॉडीज में पदों को भरने के लिए आवदेन मांगे हैं। जिसके लिए वो सरकार के कदम का स्वागत करते हैं। लेकिन सरकार ने प्रदेशभर की लोकल बॉडीज के दैनिक वेतन भोगियों व अनुबंध के आधार पर सेवाएं दे रहे कर्मियों के भविष्य को अंधकारमय कर दिया है। वार्ड आठ से पार्षद अनिल सिंह अंदोत्रा ने कहा कि नए एसआरओ के तहत लिखित परीक्षा देने होगी। लेकिन वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मी जिनकी आयु 40 से 50 वर्ष हो चुकी है उन्हें लिखित परीक्षा को पास करने में कठिनाई होगी। इसके अलावा पूर्व कर्मी के लिए मात्र पांच नंबर, विधवा के लिए पांच नंबर और स्थानीय होने के पांच नंबर निर्धारित किए गए हैं। ऐसे में पूर्व में कार्यरत कर्मियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सरकार के इस आदेश से यदि पूर्व में सेवाएं दे रहे कर्मियों की नौकरी जा सकती है तो उनका भविष्य पूरी तरह से अंधकारमय हो सकता है। पार्षदों ने सरकार से अपील की है कि नई नियुक्तियों के लिए आवेदन लिए जाने से पूर्व, सेवाएं दे रहे दैनिक वेतनभोगियों व अनुबंध कर्मियों को नियमित किया जाए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह पाए। अभी तक वे 66 सौ रुपये वेतन पा रहे हैं।