हीरानगर। आसमान से बरस रही आफत थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार बारिश से लोगों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। हीरानगर उपमंडल के हालात भी बदतर हो चुके हैं। कहीं बाढ़ में कुल्ले बह गए, सड़क संपर्क टूटने से कई गांव यातायात सुविधा से वंचित हो गए हैं। बिजली के खंभे बाढ़ में बहने से आपूर्ति ठप है। किसानों की फसलों को भी लगातार नुकसान हो रहा है।
मढ़ीन तहसील में पड़ते भाग नाले में बाढ़ में विशेष समुदाय के लोगों का एक कुल्ला पानी में बह गया। गनीमत रही कि किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ। वहीं जब शुक्रवार रात को लोग घरों में चैन की नींद सो रहे थे तरनाह नाले में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। बाढ़ में करीब आधा दर्जन बिजली के खंभे पानी में बह गए। इससे करीब 10 गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। विद्युत विभाग की ओर से बिजली आपूर्ति से सुचारू करने के लिए शनिवार देर शाम तक कड़ी मशक्कत की गई, लेकिन इसके बावजूद यह गांव अंधेरे में डूबे रहे।
कंडी क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव का संपर्क भी हाईवे से टूट गया है। हाईवे से वाया कूटा कंडी क्षेत्र के गांव बेला, बदोली, ओढ़, सेड, निचला, सूराडा आदि गांवों को जोड़ने वाली सड़क पर बेला के नजदीक स्लैब बहाने से सभी गांव का हाईवे से संपर्क टूट गया। इसके बाद यहां से वाहनों का आवागमन तो बंद हो गया है, लेकिन जरूरी काम के लिए निकलने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर नाला पार करना पड़ा।
दयाला चक बिलावर सड़क एक बार फिर से बंद हो गया है। जगह-जगह भूस्खलन से वाहनों की आवाज भी रोक दी गई है। हालांकि बीआरओ की ओर से सड़क पर गिरी पस्सी को हटाने का काम जारी है।
विधायक और एसडीएम ने किया दौरा
विधायक विजय शर्मा और एसडीएम फुलेल सिंह ने बेला इलाके का दौरा किया। बाढ़ के कारण टूटे स्लैब का जायजा लिया। इसी दौरान उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी हर संभव सहायता की जाएगी। इस रूट पर यातायात व्यवस्था सुचारू करने के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए हैं।