चौथे दिन ढोलका के जंगल को खंगालते बीएसएफ के जवान। संवाद
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बीएसएफ की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अतिरिक्त तैनाती के बीच 300 बीएसएफ के जवान तलाश में उतारे
सुरक्षाबलाें ने ढोलका, अर्जुन चक और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान को आगे बढ़ाया
कठुआ। हीरानगर के सन्याल में आतंकियों के खिलाफ शुरू किया गया सर्च ऑपरेशन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। मगर ढोलका के जंगल में शुरुआती दौर की फायरिंग के बाद लापता हुए आतंकियों का कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा है। बीएसएफ की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अतिरिक्त तैनाती के बीच 300 के लगभग बीएसएफ के जवान आतंकियों की तलाश में भी उतारे गए। इससे पहले स्पेशल फोर्सेज के पैरा कमांडो, सेना, एसओजी और एनएसजी कमांडो को भी उतारा जा चुका है।
बड़े हथियारों से लेकर अत्याधुनिक तक्नीकों के इस्तेमाल के बावजूद अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ और इसके बाद भारतीय सीमा में दिखाई देने के बाद भी चार दिन से आतंकियों का कोई सुराग न लगना सुरक्षा एजेंसियों पर भी सवाल खड़े कर रहा है। पिछले चार दिन लगातार सुरक्षाबल रणनीतियां बनाकर आतंकियों को ढेर करने के लिए दिन और रात जुटे हुए हैं।
बावजूद इसके आतंकियों का बच निकलना सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद संवेदनशील है। उधर, बुधवार सुबह सुरक्षाबलाें ने एकबार फिर ढोलका, अर्जुन चक और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान को आगे बढ़ाया। दिन भर चप्पा चप्पा खंगालने के बाद भी कुछ हाथ नहीं लगा है। इससे पहले मंगलवार रात कठुआ के हटली से सटे मेहताबपुर में भी सुरक्षाबलों ने रात नौ बजे से सुबह चार बजे इलाके को खंगाला है। वायरलेस इंटरसेप्ट मिलने के बाद रावी दरिया के रास्ते घुसपैठ की आशंका को देखते हुए इस इलाके को खंगाला गया था।
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