हीरानगर हायर सेकेंडरी स्कूल में बनाए गए माइग्रेट कैंप का दौरा करने पहुंचे राज्य के मुख्यमंत्री के समक्ष बार्डर यूनियन ने मांगों का पिटारा खोल दिया।
सड़क-बिजली की समस्या को दूर करने की मांग के साथ आरक्षण और विशेष भर्ती जैसी कई मांगे सीएम के समक्ष रखी गई और ज्ञापन भी सौंपा गया। इसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया और उन पर जल्द फैसला लेने का आश्वासन भी दिया है।
मांगें उठाते हुए यूनियन के प्रधान भारत भूषण ने कहा कि सबसे पहले तो सीमांत क्षेत्रों में बिजली और सड़क सुविधा मुहैया करवाई जाए।
इसके साथ ही साल में एक बार विशेष भर्ती का आयोजन किया जाए ताकि युवाओं को पुलिस, बीएसएफ और सीआरपीएफ में रोजगार मिल सके।
इसके साथ ही एलओसी की तर्ज पर आईबी वालों को भी आरक्षण दिया जाए। ताकि उन्हें भी उनके हिस्से का इंसाफ मिल सके। भूषण ने मांग की कि डिफेंस के कार्य के लिए जो भूमि ली गई थी उसका मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। इस मामले का भी जल्द निपटारा किया जाए।
सभी मांगों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सीमांत लोगों की तकलीफों से वाकिफ है और सभी मांगों को पूरा करने का अब समय आ गया है।
उन्होंने कहा कि आईबी के साथ रह रहे लोगों को एलओसी की तरह आरक्षण देने के लिए वह हालात सामान्य होने के बाद जरूरी विचार में लाएंगे।
इसके साथ ही भर्ती के लिए भी कैंप लगाया जाएगा और पलायन के दौरान शिक्षा बाधित न हो इसके लिए भी वह प्रयास करेंगे। लेकिन सबसे पहले गोलियों की आवाज शांत हो और केंद्र सरकार को ही इसे शांत करवाना होगा।
इस मौके पर उनके साथ डिवकाम शांतमनु, जिला उपायुक्त शाहिद इकबाल, आईजी राजेश और जिला पुलिस प्रमुख मोहन लाल के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।