नामी कंपनियों ने लिया भाग
कार्यक्रम में एसएच केलकर ग्रुप, अजमल परफ्यूमर्स, बीबीके स्पेशलिस्ट, निशांत अरोमा, फाइन फ्रेगरेंसेज प्राइवेट लिमिटेड, ग्रीन एसेंस एक्सट्रैक्शन प्रा लि, सागर एरोमैटिक्स और एक्सपो एसेंशियल ऑयल्स जैसी देश की नामी अरोमा कंपनियों ने भाग लिया और खरीदारी की। देशभर में अबतक 3.5 लाख से ज्यादा किसान अरोमा मिशन से जुड़ चुके हैं। जम्मू-कश्मीर में ही लगभग 1500 हेक्टेयर में लैवेंडर की खेती की जा रही है। यहां लगभग पांच से छह सौ किलो तेल सालाना निकाला जा रहा है। सीएसआईआर ने जम्मू-कश्मीर के अलावा अरोमा मिशन को उत्तराखंड, पूर्वोत्तर राज्यों, हिमाचल में भी विस्तार दिया है।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, स्टार्टअप्स और उद्योगों के बीच मजबूत साझेदारी स्थापित करना और खेती से लेकर वैश्विक अरोमा बाजार तक एक संपूर्ण वैल्यू चेन को बढ़ावा देना था। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के प्रयासों से प्रदेश में अरोमा मिशन की शुरूआत हुई थी। अब इसके सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं। सीएसआईआर–आईआईआईएम ने लैवेंडर और अन्य सुगंधित फसलों की खेती को वैज्ञानिक हस्तक्षेप, प्रशिक्षण, डिस्टिलेशन तकनीक और उद्यमिता सहयोग के माध्यम से प्रोत्साहित किया है। विशेषकर भद्रवाह जैसे क्षेत्रों में बैंगनी क्रांति के तहत लैवेंडर क्लस्टर विकसित हुए हैं। -डॉ. जबीर अहमद, निदेशक, सीएसआईआर-आईआईआईएम, जम्मू