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Kathua News: दैनिक भोगी मजदूरों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी

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नियमितीकरण और प्रोजेक्ट शेड्यूल रेट लागू करने की मांग को लेकर एनएचपीसी परियोजना के अनुबंधित कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। शनिवार को बनी के सरथली और माश्का में अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे अनुबंधित कर्मचारियों ने मांगों पर अब तक प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर कड़ा रोष जताया है।
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सरथली में प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे यूनियन के प्रधान दीपक पला ने कहा कि एनएचपीसी प्रबंधन कर्मचारियों की मेहनत का शोषण कर रहा है और वर्षों की सेवा के बाद भी उन्हें स्थायी नहीं कर रहा। कहा कि वह लोग परियोजना में वर्षों से अनुबंधित कर्मचारी के रूप में अपनी सेवा दे रहे है। कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनका आज तक स्थायी नही किया गया है। इसके अतिरिक्त उन्हें दिए जाने वाले मानदेय में भी समानता नही है। जिसके कारण उन्हें अपनी मांगों को लेकर पिछले पांच दिनों से लगातार धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई ऐसा आश्वासन नही मिला है। जिससे उन्हें विश्वास हो कि परियोजना के अधिकारी उनकी मांग को गंभीरता से ले रहे है। उनकी इस हड़ताल के चलते परियोजना के उत्पादन कार्यों में भी सुस्ती आ गई है, जिससे प्रबंधन को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद अभी तक प्रशासन या उच्च अधिकारी स्तर पर कोई सकारात्मक कदम नही उठाया है। लिहाजा जब तक उनकी मांगों को लेकर कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

वहीं, स्थानीय लोगों ने भी सरकार और प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द इस मुद्दे को सुलझाया जाए ताकि परियोजना का काम सामान्य हो सके और कर्मचारियों को न्याय मिल सके। इस बारे में एनएचपीसी प्रशासन की ओर से कहा गया है कि वे श्रमिकों से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन वार्ता तब ही संभव होगी जब कर्मचारी हड़ताल खत्म करें।
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उधर, माश्का एनएचपीसी सेवा-2 परियोजना में कार्यरत अनुबंधित कर्मियों ने भी नियमितीकरण और परियोजना अनुसूची दर (पीसीआर) को उड़ी-1 परियोजना के अनुरूप लागू करने की मांग को लेकर हड़ताल को जारी रखते हुए धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कर्मचारी नेता गणेश दत्त ने भी अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि उनका यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक परियोजना में सेवा देने वाले उनके साथियों को इंसाफ नही मिल जाता है।
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