अभियोजन पक्ष आरोपी के अपराध को साबित करने में रहा विफल
कठुआ। विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने रेश ड्राइविंग से तीन लोगों को घायल करने के आरोपी को बाइज्जत बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार, अभियोजन पक्ष आरोपी के अपराध को साबित करने में बुरी तरह विफल रहा है। इसके चलते मामले में दायर चालान को ही खारिज कर आरोपी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से बरी करने का निर्देश दिया। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी के जमानत और व्यक्तिगत बांड को भी समाप्त करने का निर्देश दिया है।
पुलिस की ओर से दायर रिपोर्ट के अनुसार मामला साल 2024 का है। इसमें आरोपी विकास कुमार निवासी कालीबड़ी पर आरोप था कि उसने लापरवाही से वाहन चलाते हुए तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद पुुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कार्रवाई शुरू की। मामले में चालान गत वर्ष 7 नवंबर 2024 को कोर्ट के समक्ष दायर किया गया। इसमें अभियोजन पक्ष की ओर से दुर्घटना में घायल गुरनाम सिंह को पेश किया गया। गवाह ने कहा कि एक अज्ञात चालक ने उसे टक्कर मार कर घायल कर दिया था। इसके बाद आरोपी ने उसे बचाया और अस्पताल ले गया। हालांकि अभियोजन पक्ष ने गवाहों की सूची में दो अन्य घायल व्यक्ति नवजोत सिंह तथा जतिंदर सिंह का भी जिक्र किया था। कोर्ट ने कहा कि आरोपपत्र में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे पता चले कि दो अन्य गवाह भी दुर्घटना में घायल हुए थे। न्यायाधीश ने कहा कि गुरनाम सिंह के बयान से आरोपी के खिलाफ कोई भी आपत्तिजनक बात सामने नहीं आई है। शेष गवाहों के बयान के आधार पर अभियुक्त व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। इसके बाद कोर्ट ने 0आरोपी को बरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मामले में अपील अवधि समाप्त होने के बाद जब्त किए गए दस्तावेजों में अगर कोई है तो उसे सही दावेदार के पक्ष में जारी करने का निर्देश दिया गया। संवाद