अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े से शुरू हुई ठंडी बयार सुबह और शाम को सर्द होने लगी है। रविवार के दिन तो बादल छाए रहने से बारिश के आसार बनते रहे लेकिन पानी बरसे बिना ही मौसम खुल गया।
इस बीच पर्वतीय इलाकों में मौसम ने तेजी से करवट लेकर सर्द मौसम का बखूबी अहसास करवा दिया है। पर्वतीय इलाकों के जीवन ने तो सर्दी के सीजन के मुताबिक अपना रूटीन बदलना भी शुरू कर दिया है।
कठुआ शहर व आसपास के इलाकों में सुबह से ही ठंड का अहसास बढ़ता नजर आया। दिन के समय अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्र्दता का स्तर 50 फीसदी के करीब रहा।
बीते दिन के पूर्वानुमान में रविवार को हल्की बूंदाबांदी के आसार जताए गए थे लेकिन मामला बादल छाने तक ही सीमित रहा। अगले दो दिन में मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।
उधर बनी और महानपुर तहसील में मौसम की करवट ने सर्द मौसम के प्रभाव का अहसास करवा दिया है। खासकर सुदूरवर्ती बनी व सटे इलाकों में तो सर्द मौसम का असर बढ़ने लगा है।
सर्दियों की आमद को देख पर्वतीय इलाकों के लोगों ने सर्दी के सीजन के लिए राशन सहित अन्य सामग्री का भंडारण कर लिया है। सुबह और शाम के समय पर्वतीय इलाकों में धुंध छाने का सिलसिला तेज हो गया है।
उल्लेखनीय है कि कठुआ जिले के कई इलाकों में बर्फबारी होती है। पर्वतीय चोटियाें में बर्फबारी से निचले मैदानी इलाकों तक मौसम प्रभावित होता है।