स्कूल खुलने के पहले दिन पहाड़ी क्षेत्र बनी में स्कूलों को जाते विद्यार्थी।संवाद
दूरदराज के इलाकों के बच्चों को स्कूल से घर लौटने में लग जाता है 1 से 2 घंटे का समय
बनी। गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूलों का समय बदला गया है और अब शिक्षण समय सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक कर दिया है। यह फैसला राज्य स्तर पर लागू किया गया है, लेकिन पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों के लिए यह व्यवस्था परेशानी का सबब बनती जा रही है।
इन इलाकों में कई बच्चों को स्कूल से घर लौटने में 1 से 2 घंटे का समय लग जाता है। कई स्थानों पर बच्चों को कठिन पैदल रास्तों से होकर स्कूल जाना पड़ता है। साथ ही नेटवर्क की सुविधा न होने के कारण ऑनलाइन क्लासेज भी प्रभावी रूप से नहीं चलाई जा सकतीं।
इन्हीं समस्याओं को लेकर छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से मुलाकात की और आग्रह किया कि क्षेत्र की भौगोलिक स्थितियों को देखते हुए स्कूल टाइमिंग में ढील दी जाए या अलग व्यवस्था की जाए। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय विधायक डॉ. रामेश्वर सिंह ने भी शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि ऐसे इलाकों के लिए समय निर्धारण में लचीलापन बरता जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रह सकें।
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हम पहाड़ी रास्तों से होकर स्कूल जाते हैं, जो बारिश में और भी खतरनाक हो जाते हैं। स्कूल टाइमिंग चेंज होने के बाद आज सुबह 6 बजे घर से निकलना पड़ा है और बिना नाश्ते के स्कूल पहुंचना पड़ा है। ऐसे में पढ़ाई पर पूरा ध्यान नहीं दे पाएंगे।
छात्रा शिवानी देवी
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हमारे गांव में नेटवर्क नहीं है, जिससे ऑनलाइन पढ़ाई भी मुमकिन नहीं। स्कूल का समय थोड़ा आगे बढ़ाया जाए तो हम समय पर और सुरक्षित पहुंच सकते हैं। हमारे माता-पिता भी हर रोज चिंतित रहेंगे इस टाइमिंग से । और सुबह समय पर हमें स्कूल के लिए कोई गाड़ी भी नहीं मिलेगी ऐसे में स्कूल पहुंचना संभव नहीं है सरकार को स्पेशल को वापस करना चाहिए और कोई ठोस फैसला करना चाहिए जो बच्चों के हित में हो।
छात्रा अक्षा देवी