नगरी में आयोजित छिंज मेले के दौरान दमखम का प्रदर्शन करते पहलवान। संवाद
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कठुआ। शहीदों की याद में नगरी कस्बे में होने वाले नौवें वार्षिक दंगल में बड़ी माली का मुकाबला दीनानगर के पहलवान शमशेर के नाम रहा। वहीं छोटी माली का मुकाबले में जम्मू-कश्मीर के पहलवान बाबा फरीद और पठानकोट के पहलवान सागर के बीच हुआ मुकाबला बराबरी का रहा। वार्षिक दंगल में स्थानीय हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के पहलवानों ने अपने जौहर दिखाए।
बुधवार को होने वाले इस मुकाबले में दूर-दूर से आए पहलवानों का जौहर देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक आयोजन शुरू होने से दो घंटे पहले ही आयोजन स्थल पर जमा होना शुरू हो गए थे। दोपहर बाद करीब 3 बजे शुरू हुए इस मुकाबले के बाद ढोल की थाप और दर्शकों की तालियों के बीच एक के बाद एक मुकाबले खेले गए। जिसमें पहलवानों ने अपने दमखम के साथ साथ खेल कौशल का परिचय दिया। प्रतियोगिता के संबंध में आयोजन कमेटी के सदस्यों ने बताया कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुुति देने वाले जवानों के प्रति अपने सम्मान को प्रकट करने के लिए स्थानीय लोगों के सहयोग से पिछले 9 वर्ष से किया जा रहा है और हर बार लोगों की इसमें सहभागिता बढ़ती जा रही है। इसके चलते इसमें काफी दूर-दूर से पहलवान शामिल हो रहे हैं। इस बार बड़ी माली का मुकाबला दीनानगर के शमशेर पहलवान और बटाला के सूरज पहलवान के बीच खेला गया है। 31 हजार इनाम वाली इस माली में हालांकि दोनों हो पहलवानों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। लेकिन अंत में शमशेर पहलवान ने जीत हासिल कर ली। जबकि दंगल में छोटी माली का मुकाबला जम्मू कश्मीर के पहलवान बाबा फरीद और पठानकोट के सागर पहलवान के बीच हुआ। दंगल के अंतिम सत्र में होने वाले इस मुकाबले में दोनों ही पहलवानों के बीच कोई निर्णय निकलता न देख आयोजकों ने इसे बराबरी का घोषित कर दिया।
अंत में आयोजकों ने बड़ी माली के मुकाबले में जीत हासिल करने वाले शमशेर पहलवान को 31 हजार रुपया नगद व गदा देकर सम्मनित किया। जबकि छोटी मुकाबले में कोई निर्णय न आ पाने के कारण इनाम की राशि दोनों ही पहलवानों को बराबर बांट दी।