साहिल खजूरिया
कठुआ। सफेद, बैगनी, पीले, हल्के लाल रंगों से खिले फॉक्सग्लोव (तिलपुष्पी) के खूबसूरत फूलों की वादियां इन दिनों पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहीं हैं।
यूरोप मूल के यह फूल आम तौर पर कुदरती खूबसूरती से मालामाल समुद्र तल से 2,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले सर्द इलाकों में पाए जाते हैं। ढग्गर से नुकनाली धार और सरथल से छत्रगलां टॉप के बीच मुफीद मौसम और ऊंचाई विदेशी मूल के इन फूलों को खूब रास आ रही है।
यह फूल पर्यटकों को भी खूब लुभा रहे हैं। पिछले साल आतंकी साए से वीरान हुए सरथल और ढग्गर के इलाकों में अब रौनक लौट आई है। बनी-भद्रवाह सड़क के किनारे सरथल में कई पर्यटक पहुंचे रहे हैं।
शहरों की भीड़ से दूर ढग्गर की वादियों में खुंडार और द्रौड की चरागाह पर्यटकों के साथ स्थानीय गतिविधियों का भी केंद्र बन गई है। ढग्गर में हाल में क्रिकेट प्रतियोगिता हुई। अब दंगल के महामुकाबलों की तैयारी है। इन दोनों जगह आने वाले आम लोग और पर्यटक यहां के फूलों की भी सराहना करते हैं।
ढग्गर समुद्र तल से 2,000 ऊंचाई पर बसा है। इसकी ऊंचाई पर नुकनाली धार तक समुद्र की सतह से करीब 3,800 मीटर ऊंचा है। सरथल 2,300 मीटर और कैलाश कुंड तक 4,300 से अधिक मीटर की ऊंचाई तक की हसीन वादियों के बीच घिरी चरागाह है।