पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष समेत अन्य दो ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
कठुआ। भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन में शहर के ड्रीमलैंड पार्क के सामने तैयार की गई दुकानों को सील किए जाने के बाद प्रशासन ने इनके आगे बने नाले को तोड़ दिया है। उधर, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष समेत अन्य दो ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर सरकार और अन्य को वादियों की दुकान को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचाने की हिदायत दी है। वीरवार शाम ड्रीमलैंड पार्क के पास भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन करने का हवाला देकर सील की गई दुकानों के मालिकों ने कोर्ट का रुख किया। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने तीन याचिकाओं की सुनवाई करते हुए प्रदेश प्रशासन को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं की दुकानों को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचाया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति रजनीश ओसवाल की अध्यक्षता वाली पीठ ने जारी किया। साब्या शर्मा, नरेश कुमार और संजय कुमार ने दायर याचिकाओं में प्रशासन की ओर से दुकानों को सील किए जाने का मुद्दा उठाया गया था। इन मामलों में, वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता मोनिका कोहली ने प्रशासन की ओर से नोटिस स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि अगले सुनवाई तक सभी आवश्यक रिकॉर्ड और कारण पेश किए जाएंगे।
याचिकाकर्ताओं ने दुकानों की सीलिंग को लेकर उच्च न्यायालय से राहत की मांग की थी। न्यायालय ने प्रदेश प्रशासन को आदेश दिया कि इन दुकानों को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचाई जाए। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल 2025 को तय की गई है। इस बीच सभी मामलों की विस्तृत सुनवाई और तथ्यों पर चर्चा अगली तारीख में होगी। संवाद