बिलावर। तीन युवकों की निर्मम हत्या की जांच की मांग को लेकर पांच दिनों से बिलावर के बिलकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में परिजन द्वारा शुरू किया गया अनशन शुक्रवार को स्थगित हो गया। इस दिन एडीसी बिलावर विनय खोसला और पुलिस अधिकारियों ने परिजन से वार्ता में आश्वासन दिया कि वह मामले की जांच सीबीआई अथवा एनआईए से कराने के लिए उच्चाधिकारियों से आग्रह करेंगे। इस आश्वासन के साथ एडीसी ने परिजन को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया।
ध्यौता निवासी वरुण, दर्शन सिंह और मडून निवासी योगेश के शव लगभग नौ महीने पहले आठ मार्च को इच्छू नाले में क्षत-विक्षत हालत में मिले थे। तीनों युवक 5 मार्च को मडून इलाके से मल्हार गांव जा रही बारात में शामिल होने के लिए गए थे। तीनों बराती मल्हार नहीं पहुंचे थे। अगले दिन छह मार्च को परिजन ने मल्हार पुलिस थाने में उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके दो दिन बाद आठ मार्च को तीनों के शव इच्छू नाले में मिले थे। नौ मार्च को उपजिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे गए थे। घटना के नौ महीने बीत जाने के बाद भी परिजनों को तीनों की मौत के कारण का कोई पता नहीं चला। न्याय के लिए मृतकों के परिजन 24 नवंबर को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि घटना की जांच सीबीआई अथवा एनआईए से कराया जाए ताकि सच सामने आए।
शुक्रवार को दोपहर एक बजे एडीसी बिलावर विनय खोसला और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की टीम अनशन स्थल पर पहुंची। उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे चमेल सिंह, बलकार सिंह और अक्षय से जल्द न्याय दिलाने और मामले की जांच सीबीआई या एनआईए से करवाने का आश्वासन दिया।
चमेल सिंह ने बताया कि उन्होंने जिला उपयुक्त कठुआ को भी एनआईए या सीबीआई जांच के लिए लिखित पत्र सौंपा है। एडीसी बिलावर ने कहा कि यह मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आ गया है और जल्द ही मामले की जांच एनआईए या सीबीआई से करवाई जाएगी।
अनशन पर बैठे परिजन ने कहा कि वे सरकार के आश्वासन पर अनशन को स्थगित कर रहे हैं लेकिन 31 जनवरी 2026 तक मामले की जांच एनआईए या सीबीआई को नहीं सौंपी जाती है तो वे दोबारा अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।