केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से मंजूरी मिलने और लोगों के विरोध के बाद थमी प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर कवायद एक बार फिर शुरू हो गई है। निकायों को जहां प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए अधिकार पहले ही दे दिए गए हैं, वहीं ताजा नोटिफिकेशन के बाद इनके रेट को लेकर निकायों को हिदायतें भी जारी कर दी गई हैं। ऐसे में जिले की कठुआ नगर परिषद समेत हीरानगर, परोल, लखनपुर, बसोहली और बिलावर निकायों के अधीन आने वाली रिहायशी इमारतों, खाली जमीनों से भी प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जा सकेगा। इससे निकायों की आमदनी बढ़ेगी, लेकिन इसका बोझ आम लोगों पर पड़ेगा।
16 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली नगर परिषद कठुआ में हालांकि अभी तक शहर का मास्टर प्लान भी लागू नहीं हो पाया है। ऐसे में व्यवस्थित विकास और मूलभूत सुविधाओं से भी अभी जिले की सबसे बड़ी निकाय के लोग वंचित हैं। नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नगर परिषद के अधीन 11 हजार से अधिक घर थे, जो अब बढ़कर 15 हजार से अधिक हो चुके हैं। नगर परिषद कठुआ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप अबरोल ने बताया कि फिलहाल प्रशासन की ओर से उन्हें लिखित आदेश हासिल नहीं हुआ है। संवाद