लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों का एक धड़ा काम पर लौट आया है। इसके चलते वीरवार को हटली मोड़, पारलीवंड़ व आसपास इलाकों में साफ-सफाई हुई। तीन दिनों बाद इन कर्मचारियों के काम पर लौटने से इन इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि अन्य क्षेत्रों में स्थिति अभी पहले की तरह ही है। वहां बढ़ रहे कचरे के ढेर से लोग परेशान हैं। यह हाल तब है, जब स्वच्छता सर्वेक्षण में रैकिंग हासिल करने के लिए आनलाइन सर्वेक्षण जारी है।
सफाई के काम में लगे सफाई कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे यूनियन के प्रधान दानिश चीदा ने कहा कि कठुआ नगर परिषद व जिला की अन्य कमेटियों में सफाई के काम लगे लोग अर्बन लोकल बॉडी सफाई कर्मचारी यूनियन के बैनर तले संघर्ष करते आए हैं। वर्तमान में जारी हड़ताल अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ की है। उन्होंने कहा कि चूंकि वह सभी अर्बन लोकल बाडी के कर्मचारी हैं, लिहाजा उनका संबंध किसी भी मजदूर संगठन से नहीं हो सकता है। वीरवार को निर्धारित स्थानों पर सफाई की है। अगर आदेश होगा तो शहर के अन्य स्थानों पर भी साफ-सफाई की जाएगी। लेकिन इसके लिए नगर परिषद को आने जाने की व्यवस्था और सुरक्षा मुहैया करवाना होगा।
वहीं नगर परिषद कार्यालय में अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के जिला प्रधान सोमराज के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने मांगों के पूरा होने तक हड़ताल को जारी रखने का ऐलान किया। जिला प्रधान ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को असफल बनाने के लिए नगर परिषद ऐसे लोगों को इस्तेमाल कर रहा, जो परिषद के न तो नियमित कर्मचारी हैं और न ही अस्थायी। उन्हें परिषद के अधिकारी बरगला कर सफाई करवा रहे हैं।
शहर में हड़ताल के दौरान सफाई का काम करने वालों को खुद विचार करना चाहिए कि जो विभाग 15 से 20 साल सेवा देने वाले कर्मचारी को अब तक उनका हक नहीं दे पाया है। वह क्या उन्हें इस्तेमाल करने के बाद उन्हें नौकरी दे पाएगा। धरने में बैठी सुनीता देवी ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री सफाई कर्मचारी का पैर धोते हैं, वहीं दूसरी ओर सफाई कर्मचारियों को उनका हक नहीं दिया जा रहा है।