सफाई कर्मियों की हड़ताल जारी रहने से दिक्कतें बढ़ने लगी हैं। कूड़ेदान कचरे से भर गए हैं। कई जगहों पर कचरा कूड़ेदान से बाहर भी फैलने लगा है। हड़ताल ज्यादा देर चली और साफ-सफाई न हुई, तो स्थिति और बिगड़ेगी। गंदगी के ढेर से बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ने लगा है। वहीं, कचरे से उठने वाली बदबू से रास्ता चलना भी दुश्वार होने लगा है। उधर, हड़ताल पर बैठे सफाई कमियों का कहना है कि मांगें पूरी होने पर ही वह काम पर लौटेंगे।
कठुआ नगर परिषद क्षेत्र में प्रतिदिन करीब 35 टन कचरा निकलता है। इसे सफाई कर्मचारी डंपिंग स्टेशन व अन्य स्थानों से रोजाना उठाते हैं। लेकिन हड़ताल के चलते उन स्थानों पर कचरे के ढेर लग गए हैं। ज्यादा परेशानी गलियों में आ रही है। पांच से दस फुट चौड़ी गलियाें का आधा हिस्सा कचरे से पट गया है।
उधर, कचरे के ढेर पर मवेशियों ने डेरा जमा लिया है, जहां सुबह से शाम तक लावारिस मवेशी झुंड में रहते हैं। वह कचरा को निगलने के साथ उसे बिखेर रहे हैं।
पार्षदों की बैठक के बाद विभाग के निदेशक से हुई है बात
कठुआ नगर परिषद के प्रधान नरेश शर्मा का कहना है कि शहर की इस समस्या को लेकर सभी पार्षदों की बैठक के बाद विभाग के निदेशक से बात हुई है। संभव है कि अगले चौबीस घंटों में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो जाए। अगर नहीं भी हुई तो कचरे के ढेर को हटाने के लिए प्रबंध किया जाएगा।
हड़ताल का नगरपालिका समिति सदस्यों ने किया समर्थन
हीरानगर। सफाई और अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल से कस्बे में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। उधर, नगर पालिका समिति ने हड़ताल का समर्थन किया है। बुधवार को समिति के सदस्यों ने हड़ताल पर बैठे कर्मियों की मांगें जल्द पूरी करने पर जोर दिया। इस दौरान संजय शर्मा ने कहा कि हड़ताल पर बैठे सफाई और अस्थायी कर्मचारियों की मांगें पूरी तरह से जायज हैं। जिनका कार्यकाल सात वर्ष से अधिक हो गया है, उन्हें नियमित किया जाए। अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी किया जाए। इसके अलावा जो भी मांगे हैं सभी जल्द मानी जाएं, क्योंकि हड़ताल से सफाई का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। प्रवीणा देवी, बॉबी जसरोटिया ने भी हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का समर्थन किया। संवाद