अवैध खनन के दायरे में 31 स्टोन क्रशर आए
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अवैध खनन पर उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आग गया है। बुधवार को ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए जिला उपायुक्त द्वारा गठित कमेटी सदस्यों ने एक के बाद एक सात स्टोन क्रशरों को सील कर दिया। आरोप है कि इन स्टोन क्रशरों पर बड़ी मात्रा में मिनरल स्टॉक यानी रेता-बजरी इकट्ठा कर रखा गया था। बड़ी मात्रा में हुए इस अवैध खनन के दायरे में 31 स्टोन क्रशर आए हैं, जिनकी रिपोर्ट बाकायदा जांच कमेटी ने जिला उपायुक्त को भी सौंपी थी, जिसके बाद इन पर कार्रवाई का सिलसिला बुधवार से शुरू हो गया।
जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय के निर्देश को सख्ती से अमल में लाते हुए जिला उपायुक्त कठुआ द्वारा गठित कमेटी ने रावी दरिया में चल रहे सात स्टोन क्रशरों को सील कर दिया। टीम में शामिल आईएएस राहुल यादव के साथ जिला खनन अधिकारी बोधराज, तहसीलदार कठुआ अवतार सिंह और डीएसपी मुख्यालय अजय शर्मा ने इन स्टोन क्रशरों के कार्यालय सील करने के साथ ही अगले आदेश तक स्टोन क्रशर प्रयोग न करने की सख्त हिदायत जारी कर दी है।
माननीय उच्च न्यायालय ने 25 फरवरी 2016 को गुरदीप सिंह वर्सेज स्टेट और अन्य के मामले में सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन को अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कारवाई के निर्देश जारी किए थे। जिसमें रावी दरिया डाउनस्ट्रीम में लखनपुर से लेकर कीड़ियां गंडियाल तक का क्षेत्र शामिल है जो माइनिंग विभाग के ब्लाक पांच के अधीन पड़ता है। जिसके बाद जिला उपायुक्त के निर्देश पर गठित कमेटी ने बारह मार्च को मौके पर निरीक्षण करते हुए रिपोर्ट सौंप दी।
सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि अधिकतर स्टोन क्रशरों ने जहां बड़ी मात्रा में रेेता-बजरी का स्टॉक जमा कर रखा था, वहीं स्टेट लैंड का प्रयोग इस मैटियरल को डंप करने के लिए किया जा रहा था। जिला उपायुक्त ने नोटिस जारी करते हुए इन सब स्टोन क्रशरों को पंद्रह मार्च दोपहर बारह बजे तक अपनी स्थिति दस्तावेजी रूप में स्पष्ट करने को कहा, लेकिन एक भी स्टोन क्रशर मालिक इसके लिए सामने नहीं आया, जिसके बाद जिला उपायुक्त के निर्देश पर बुधवार को कार्रवाई शुरू कर दी गई।