कठुआ। शनिवार को हुई भारी बर्फबारी से ऊंची पहाड़ियां बर्फ से लकदक हो गई हैं। रविवार को निकली धूप से पहाड़ चांदी से चमक रहे हैं। पहाड़ों समेत मैदानी इलाकों में हुई बारिश और बर्फबारी से ठिठुरन बढ़ी है, लेकिन कई मायनों में इसे फसलों के लिए बेहद फायदेमंद माना जा रहा है। लोगों को सूखी खांसी आदि समस्याओं से भी निजात मिल सकेगी।
रविवार सुबह तक जिले के सभी इलाकों में बर्फबारी का दौर थम चुका था। ढग्गर और लोहाई मल्हार के कई इलाकों में आधे फुट से लेकर डेढ़ फुट तक बर्फ की ताजा परत जम गई है। रविवार को मौसम खुलने के साथ ही लोग घरों की छत से बर्फ हटाने और घरों के रास्तों को साफ करने में जुटे दिखाई दिए।
मल्हार, किंडली, ढग्गर, डुग्गन, रौलका, दौलका, सरथल, छत्रगलां, दौला माता, कमलेऊ गलां, भंडार, मछेडी आदि में बर्फबारी दर्ज की गई है। छत्रगलां, सरथल, भंडार और ढग्गर के इलाकों में एक फुट से अधिक बर्फबारी हुई है। कड़ाके की सर्दी ने पूरे जिले को अपनी आगोश में ले लिया है। मैदानी इलाकों में भी रविवार को मौसम खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली है। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 17.9 और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।