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Kathua News: सितंबर से जिले में लगना शुरू होंगे स्मार्ट मीटर

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कठुआ। बिजली चोरी से निपटने के लिए कठुआ जिले के एक लाख 30 हजार उपभोक्ताओं के घरों पर अब स्मार्ट मीटर लगेंगे। सितंबर से यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी और वर्ष 2025 के अंत से पहले जिले के हर घर में स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
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बीते साल अक्तूबर माह में हुए टेंडर के बाद हाल ही में जम्मू कश्मीर पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन और आरईसी के बीच समझौता हो चुका है। यह समझौता जीनस पावर के साथ भी किया गया है, जो जिले में स्मार्ट मीटर लगाने की लिए तय एजेंसी है।
अब डोर टू डोर सर्वे की जगह ट्रांसफार्मरों का सर्वे किया गया है। इसका 50 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। रिवैंप डिस्टि्रब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत स्मार्ट मीटर लगाने का यह काम किया जाना है। बिजली विभाग और सरकार का दावा है कि इससे जिले में होने वाली बिजली की चोरी को रोका जा सकेगा। साथ ही राजस्व में भी सुधार होगा। ऐसे में आने वाले समय में उपभोक्ताओं को ज्यादा बिजली कटौती का सामना भी नहीं करना होगा।
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खास बात यह भी है कि इन स्मार्ट मीटर में प्रीपेड और पाेस्ट पेड दोनों का ही ऑप्शन उपलब्ध रहेगा। वर्तमान प्रणाली के अनुसार विभाग जहां इस्तेमाल के बाद बिजली का बिल उपभोक्ता को भेजता है, वहीं प्रदेश में आने वाले समय में प्रीपेड बिजली का ऑप्शन भी रहेगा। लिहाजा ये मीटर दोनों ही परिस्थितियों में कारगर साबित होंगे। उधर, एजेंसी का दावा है कि उपभोक्ताओं को अधिक बिजली बिल नहीं चुकाने होंगे। बीपीएल परिवार यदि एक पंखे, लाइट का इस्तेमाल कर रहा है तो उसका बिल भी उसी हिसाब से आएगा।

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कम लोड दिखाकर इस्तेमाल कर रहे अधिक बिजली
पांच किलोवाट से अधिक वालों को अब लेना होगा थ्री फेज कनेक्शन

बिजली विभाग के अधिकारियों की मानें तो जिले में सैकड़ों ऐसे उपभोक्ता हैं, जो बिजली विभाग से कम लोड मंजूर करवाते हैं, जबकि इस्तेमाल इससे कहीं अधिक करते हैं। अब उपभोक्ताओं की ओर से इस्तेमाल हो रही बिजली का खाका दैनिक स्तर पर भी मोबाइल एप पर उपलब्ध रहेगा। यदि बिजली खपत मंजूर लोड से अधिक रहती है तो उपभोक्ता के कनेक्शन को भी इस्तेमाल किए जा रहे लोड के मुताबिक अपग्रेड किया जाएगा। यही नहीं, पांच किलोवाट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को थ्री फेज कनेक्शन हासिल करना होगा।

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70 फीसदी तक हो रही बिजली की चोरी


जिले में 70 फीसदी तक घरेलू उपभोक्ता बिजली की चोरी कर रहे हैं। सरकार की ओर से दी जाने वाली बिजली में से राजस्व का एक बड़ा जरिया उद्योग हैं। बिजली विभाग ने जून महीने में ही उद्योगों से 18 करोड़ रुपये राजस्व वसूला है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं से आने वाले राजस्व और बकाया मात्र दो करोड़ के लगभग था। विभाग के अनुसार 60 से 70 प्रतिशत तक ट्रांसमिशन और डिस्टि्रब्यूशन लॉसेज हैं। यह सीधे तौर पर ढांचों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाली बिजली में होने वाला विभाग को नुकसान है। खास बात यह है कि बीते साल के मुकाबले बिजली विभाग ने राजस्व वसूली भी दोगुनी कर दी है। इस साल उपभोक्ताओं के बिजली बिल भी बढ़ाए गए हैं। ऐसे में विभाग को बीते साल जून महीने के मुकाबले ही छह सात करोड़ का अधिक राजस्व हासिल हुआ है।
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बिजली घाटे के साथ-साथ ढांचे की सुरक्षा के लिए बिजली का सदुपयोग बेहद जरूरी है। इसके लिए स्मार्ट मीटर लगाने की योजना है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को केवल इस्तेमाल के अनुरूप ही बिजली बिल की अदायगी करनी है। इससे आने वाले समय में सरकार की ओर से लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाने में भी मदद मिलेगी। स्मार्ट मीटर योजना को लेकर निजी कंपनी की ओर से सर्वे जारी है।
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-सुनील शर्मा सहायक कार्यकारी अभियंता
बिजली विभाग, कठुआ
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